रायपुर, 13 मई। Water Conservation : भीषण गर्मी के बीच सूखते तालाबों और गिरते जलस्तर से जूझ रहे ग्रामीण क्षेत्रों को राहत पहुंचाने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विभाग ने अब तक प्रदेश के 4 हजार 755 सूखते तालाबों में नहरों के माध्यम से पानी पहुंचाने का कार्य शुरू किया है। जरूरत के अनुसार शेष तालाबों में भी तेजी से जलभराव किया जा रहा है।
गर्मी में जल संकट से राहत देने की पहल
देशभर की तरह छत्तीसगढ़ भी इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख जलस्रोत तालाब सूखने लगे हैं। ऐसे हालात में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप जल संसाधन विभाग द्वारा नहरों से तालाबों में पानी पहुंचाकर लोगों को राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।
रायपुर, बलौदाबाजार और धमतरी में तेजी से हुआ जलभराव
जल संसाधन विभाग के अनुसार रायपुर जिले में निस्तारी हेतु प्रस्तावित 783 तालाबों में से 663 तालाबों में पानी छोड़ा जा चुका है। इसी तरह बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के 586 तालाबों में से 504 और धमतरी जिले के 508 तालाबों में से 329 तालाबों में जलभराव किया गया है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी यह अभियान लगातार जारी है।
भू-जल स्तर बढ़ाने में भी मिलेगी मदद
विभाग के अनुसार नहरों से छोड़ा गया पानी धीरे-धीरे जमीन में रिसकर आसपास के क्षेत्रों में भू-जल पुनर्भरण का कार्य करेगा। इससे कुएं, हैंडपंप और अन्य जलस्रोत लंबे समय तक जलयुक्त बने रहेंगे। यह पहल जल संरक्षण और वाटर रिचार्ज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
जल संरक्षण के प्रति बढ़ रही जागरूकता
ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों के भरने से लोगों को गर्मी के मौसम में पानी की कमी से राहत मिल रही है। साथ ही समाज में जल संरक्षण और जलस्रोतों को बचाने के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। विभाग का मानना है कि यह पहल केवल सरकारी योजना नहीं बल्कि सामूहिक जल संरक्षण सोच को मजबूत करने का प्रयास है।
