नई दिल्ली, 13 मई। PM Narendra Modi Convoy Reduction : वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और संभावित ईंधन संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऊर्जा संरक्षण को लेकर बड़ा संदेश दिया है। जनता से पेट्रोल-डीजल की बचत की अपील करने के बाद अब उन्होंने स्वयं इसकी शुरुआत करते हुए अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या आधी करने का निर्णय लिया है। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग पर भी जोर दिया गया है।
Fuel Crisis के खतरे के बीच PM मोदी का बड़ा कदम
प्रधानमंत्री ने विशेष सुरक्षा समूह (SPG) को निर्देश दिए हैं कि उनके काफिले में 50 प्रतिशत तक वाहनों की कटौती की जाए। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी न हो, इसके लिए एसपीजी नई व्यवस्था पर काम कर रही है। हाल के दिनों में प्रधानमंत्री की दिल्ली से बाहर की यात्राओं के दौरान उनका काफिला पहले की तुलना में छोटा दिखाई दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में देशवासियों से ईंधन की खपत कम करने, अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचने और संसाधनों के सीमित उपयोग की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि दुनिया के कई हिस्सों में जारी युद्ध जैसी परिस्थितियों को देखते हुए भारत को पहले से तैयारी करनी होगी।
राज्यों और मंत्रियों के स्तर पर भी दिखाई देने लगा असर
प्रधानमंत्री की इस पहल का असर अब राज्यों और मंत्रियों के स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने अपना प्रस्तावित अमेरिका दौरा रद्द कर दिया है। उन्हें इस महीने के अंत में फेडरेशन ऑफ गुजराती एसोसिएशन्स ऑफ यूएसए द्वारा आयोजित गुजराती सम्मेलन में शामिल होना था, लेकिन ऊर्जा बचत और सरकारी खर्चों में कटौती की अपील के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया।
इधर, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सरकारी वाहनों की संख्या सीमित करने का फैसला किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि प्रधानमंत्री की अपील को जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा और ऊर्जा संरक्षण की दिशा में सरकार आवश्यक कदम उठाएगी।

