बिलासपुर,13 मई।नगर निगम के वार्ड क्रमांक 29 संजय गांधी नगर में उपचुनाव की घोषणा होते ही सियासी हलचल तेज हो गई है यह सीट अब सिर्फ एक वार्ड तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुकी है।
कांग्रेस जहां सहानुभूति लहर और अपने पारंपरिक वोट बैंक के भरोसे चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है, वहीं भाजपा इस बार वार्ड में पहली जीत दर्ज करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है दोनों दलों के नेताओं ने क्षेत्र में सक्रियता बढ़ा दी है और संभावित प्रत्याशियों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो इस चुनाव में टिकट वितरण सबसे बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकता है कांग्रेस ऐसे चेहरे की तलाश में है जो वार्ड में पुराने समीकरणों को साध सके जबकि भाजपा युवा और मजबूत संगठनात्मक पकड़ वाले उम्मीदवार पर दांव लगाने की रणनीति बना रही है।
वार्ड 29 को लंबे समय से कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ चुनावों में भाजपा ने यहां अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है ऐसे में यह उपचुनाव दोनों दलों के लिए शक्ति प्रदर्शन का बड़ा मंच बन गया है।
अब पूरे शहर की नजर 1 जून को होने वाली वोटिंग और 4 जून को आने वाले नतीजों पर टिक गई है चुनाव परिणाम यह तय करेंगे कि वार्ड 29 में कांग्रेस अपना दबदबा कायम रख पाएगी या भाजपा पहली बार इस गढ़ में सेंध लगाने में सफल होगी।
