वनोपज बन रही अर्थव्यवस्था की रीढ़
छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता और बांस को उनकी बहुउपयोगिता के कारण “हरा सोना” कहा जाता है। इसके अलावा लाख, शहद, औषधीय पौधे, सागौन, साल, बीजा और शीशम जैसे बहुमूल्य वन उत्पाद भी राज्य में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। आधुनिक प्रसंस्करण तकनीकों के माध्यम से इन कच्चे उत्पादों को उच्च मूल्य वाले उत्पादों में बदला जा रहा है, जिससे ग्रामीणों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।
जामगांव एम प्रसंस्करण इकाई बनी बड़ा केंद्र
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वन मंत्री श्री केदार कश्यप द्वारा लोकार्पित जामगांव एम केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को नई गति दे रही है। यहां आंवला, बेल, गिलोय और अश्वगंधा जैसे उत्पादों को जूस, कैंडी और हर्बल पाउडर के रूप में तैयार किया जाता है। साथ ही 20 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले अत्याधुनिक गोदामों में वैज्ञानिक भंडारण की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे संग्राहकों को बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा मिलती है।
‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ को मिल रही राष्ट्रीय पहचान
राज्य सरकार का आधिकारिक ब्रांड “छत्तीसगढ़ हर्बल्स” अब शुद्धता और प्राकृतिक उत्पादों का पर्याय बन चुका है। संजीवनी स्टोर्स की संख्या 30 से बढ़कर 1500 से अधिक हो गई है। राज्य के हर्बल उत्पाद अब अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध हैं। भृंगराज तेल, नीम तेल, च्यवनप्राश, शुद्ध शहद, महुआ उत्पाद और बेल शर्बत जैसे उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।
महिला समूहों से बढ़ रही आत्मनिर्भरता
इस पूरी व्यवस्था में महिला स्व-सहायता समूह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों की महिलाएं मशीन संचालन, गुणवत्ता परीक्षण और पैकेजिंग जैसे कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन कम हुआ है और परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। यह मॉडल आदिवासी महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का सफल उदाहरण बनकर उभरा है।
हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट से खुल रहे नए अवसर
वर्ष 2025 में स्थापित हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट ने छत्तीसगढ़ को “हर्बल मैन्युफैक्चरिंग हब” के रूप में नई पहचान दिलाई है। यहां औषधीय पौधों से उच्च गुणवत्ता वाले अर्क तैयार किए जाते हैं, जिनकी मांग अंतर्राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल और वेलनेस इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ रही है। इससे राज्य अब केवल कच्चा माल उपलब्ध कराने वाला क्षेत्र नहीं, बल्कि मूल्यवर्धित उत्पादों का प्रमुख निर्माता बन गया है।