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CM Kanya Vivah योजना के तहत जशपुर जिले में 65 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे… हिंदू और ईसाई समुदाय के जोड़ों ने लिए सात जन्मों के फेरे

Under the CM Kanya Vivah Scheme, 65 couples tied the knot in Jashpur district... Couples from the Hindu and Christian communities exchanged vows for a lifetime of togetherness.

CM Kanya Vivah

रायपुर, 10 मई। CM Kanya Vivah : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत जशपुर जिले में शुक्रवार को सामूहिक विवाह समारोहों का आयोजन किया गया। जिले के विभिन्न परियोजना क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में कुल 65 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। हिंदू एवं ईसाई समुदाय के नवदंपत्तियों का विवाह पारंपरिक रीति-रिवाजों और धार्मिक विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया।

दिव्यांग जोड़े का विवाह बना आकर्षण का केंद्र

इस आयोजन की खास बात यह रही कि बगीचा परियोजना क्षेत्र में एक मूकबधिर दिव्यांग जोड़े ने भी विवाह बंधन में बंधकर सभी के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। समारोह में मौजूद जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद और समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की।

विभिन्न परियोजनाओं में संपन्न हुए विवाह समारोह

परियोजना बगीचा में 13 हिंदू और 7 ईसाई समुदाय सहित कुल 20 जोड़ों का विवाह कराया गया। वहीं परियोजना कांसाबेल में 9 हिंदू एवं 3 ईसाई समुदाय के कुल 12 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इसी प्रकार परियोजना बागबहार में 6 हिंदू एवं 26 ईसाई समुदाय के कुल 32 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ।

प्रत्येक जोड़े को मिली 50 हजार रुपये की सहायता

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस योजना के तहत प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को 50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई। इसमें 8 हजार रुपये विवाह आयोजन व्यय, 7 हजार रुपये की उपयोगी उपहार सामग्री तथा 35 हजार रुपये की राशि वधु के नाम चेक के रूप में दी गई। साथ ही सभी नवदंपत्तियों को वैवाहिक प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया।

सामूहिक विवाह से बढ़ रही सामाजिक समरसता

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सामाजिक समरसता, सादगी और सहयोग की भावना को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सम्मानपूर्वक विवाह संपन्न कराने का प्रभावी माध्यम बन रही है और समाज में सामूहिक विवाह की सकारात्मक परंपरा को भी बढ़ावा दे रही है।

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