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Mumbai Family Death Case : तरबूज खाते ही खत्म हो गया था पूरा परिवार…! मुंबई की 4 मौतों का चौंकाने वाला खुलासा…FSL रिपोर्ट ने उड़ाए होश

Mumbai Family Death Case: The entire family perished moments after eating watermelon! Shocking revelations regarding the four deaths in Mumbai—the FSL report leaves everyone stunned.

Mumbai Family Death Case

मुंबई, 08 मई। Mumbai Family Death Case : मुंबई में एक ही परिवार के 4 लोगों की संदिग्ध मौत मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। FSL रिपोर्ट में तरबूज और मृतकों के शरीर में जिंक फास्फाइड मिलने की पुष्टि हुई है, जो चूहे मारने वाली दवा में इस्तेमाल होता है।

दक्षिण मुंबई में एक ही परिवार के 4 लोगों की संदिग्ध मौत की गुत्थी आखिरकार सुलझ गई है। कलिना स्थित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पुष्टि हुई है कि परिवार द्वारा खाए गए तरबूज और मृतकों के शरीर में ‘जिंक फास्फाइड’ पाया गया, जो आमतौर पर चूहे मारने वाली दवा में इस्तेमाल होता है।

एक के बाद एक चार मौतों से हड़कंप

यह दर्दनाक घटना 26 अप्रैल की रात की है। अब्दुल डोकाडिया के घर पारिवारिक मिलन समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें रिश्तेदारों के साथ चिकन पुलाव खाया गया। लेकिन रात करीब 1 बजे परिवार ने तरबूज खाया और कुछ ही घंटों बाद सभी की तबीयत बिगड़ने लगी।

अब्दुल डोकाडिया, उनकी पत्नी नसरीन, बेटी आयशा और जैनब को गंभीर उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान चारों की मौत हो गई।

अब FSL रिपोर्ट में सामने आया है कि मृतकों के लिवर, किडनी, पेट और अन्य अंगों के नमूनों में जिंक फास्फाइड मिला है। जांच के लिए भेजे गए तरबूज के सैंपल में भी यही घातक केमिकल पाया गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि चिकन पुलाव, पानी और अन्य खाद्य पदार्थों में कोई जहरीला तत्व नहीं मिला।

मेहमान बच गए

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि घर आए मेहमानों ने पुलाव तो खाया था, लेकिन तरबूज नहीं खाया था। यही वजह रही कि उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ। इस तथ्य ने जांच को पूरी तरह तरबूज की ओर मोड़ दिया।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर तरबूज में चूहे मारने वाली दवा कैसे पहुंची? क्या यह किसी की लापरवाही थी, कोई दुर्घटना या फिर सुनियोजित साजिश? मुंबई पुलिस अब इसी एंगल से जांच आगे बढ़ा रही है।

जेजे मार्ग पुलिस स्टेशन ने पहले आकस्मिक मृत्यु (Mumbai Family Death Case) का मामला दर्ज किया था, लेकिन FSL रिपोर्ट आने के बाद जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई है। पुलिस फोरेंसिक विशेषज्ञों और डॉक्टरों की मदद से मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है।

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