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PMMVY : मातृ वंदना योजना से सशक्त होता छत्तीसगढ़: सुरक्षित मातृत्व, बेहतर पोषण और स्वस्थ भविष्य की दिशा में बना राष्ट्रीय मॉडल

PMMVY: Chhattisgarh Empowered through the Matru Vandana Yojana—A National Model for Safe Motherhood, Better Nutrition, and a Healthy Future.

PMMVY

रायपुर, 07 मई। PMMVY : छत्तीसगढ़ ने माताओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के सफल क्रियान्वयन में देशभर के लिए एक मिसाल कायम की है। राज्य में इस योजना को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि मिशन मोड में लागू किया गया है, जिससे सुरक्षित मातृत्व और समृद्ध समाज के बीच मजबूत संबंध स्थापित हुआ है।

योजना का उद्देश्य: पोषण और स्वास्थ्य को आर्थिक सहारा

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 1 जनवरी 2017 से संचालित है, जिसका उद्देश्य गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उनके पोषण स्तर में सुधार करना है।

छत्तीसगढ़ में—

यह राशि प्रसव पूर्व जांच, टीकाकरण और संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने से सीधे जुड़ी है।

मिशन मोड में क्रियान्वयन, दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में इस योजना को गांव-गांव तक पहुंचाया गया है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले ने डोर-टू-डोर पंजीयन सुनिश्चित कर दूरस्थ आदिवासी अंचलों तक भी योजना का लाभ पहुंचाया है।

आंकड़ों में सफलता: देश में अव्वल छत्तीसगढ़

राज्य ने डिजिटल मॉनिटरिंग और डीबीटी (Direct Benefit Transfer) प्रणाली के प्रभावी उपयोग में देश में अग्रणी स्थान हासिल किया है—

आवेदनों के परीक्षण और स्वीकृति में भी राज्य 83.87% दर के साथ देश में शीर्ष स्थान पर है।

शिकायत निवारण में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ लाभार्थियों की संतुष्टि पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। राज्य में लगभग 93% शिकायतों का त्वरित निराकरण कर सुशासन का मजबूत उदाहरण प्रस्तुत किया गया है।

कुपोषण के खिलाफ मजबूत हथियार

यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक बड़ी पहल है। समय पर मिलने वाली राशि से—

छत्तीसगढ़ में मातृ वंदना योजना ने यह साबित कर दिया है कि जब योजनाओं को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनभागीदारी के साथ लागू किया जाता है, तो वे केवल लाभ नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का माध्यम बन जाती हैं।

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