रायपुर, 07 मई। Jan Seva : छत्तीसगढ़ में ‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत आयोजित समाधान शिविर आमजन, विशेषकर श्रमिक वर्ग के लिए त्वरित राहत का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहे हैं। इसी क्रम में तिल्दा विकासखंड के ताराशिव ग्राम में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में दो महिलाओं को मौके पर ही श्रम कार्ड प्रदान कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया।
मौके पर मिला श्रम कार्ड, चेहरे पर खुशी
ग्राम ताराशिव निवासी नंदिनी वर्मा और बबीता वर्मा को शिविर में तुरंत श्रम कार्ड जारी किया गया। इस सुविधा से दोनों महिलाओं ने खुशी जताते हुए कहा कि अब उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
बच्चों की पढ़ाई को मिलेगा सहारा
दोनों हितग्राहियों ने बताया कि श्रम कार्ड के माध्यम से मिलने वाली छात्रवृत्ति से वे अपने बच्चों की शिक्षा को बेहतर बना सकेंगी। आर्थिक सहयोग मिलने से अब उनके बच्चों के भविष्य को संवारने में मदद मिलेगी, जो पहले संसाधनों की कमी के कारण चुनौतीपूर्ण था।
सरकार के प्रति जताया आभार
महिलाओं ने इस पहल के लिए नरेन्द्र मोदी एवं राज्य शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के शिविर ग्रामीणों के लिए बहुत लाभकारी साबित हो रहे हैं, जहां उन्हें बिना भटकाव के मौके पर ही सेवाएं मिल रही हैं।
श्रम कार्ड के लिए पात्रता और जरूरी दस्तावेज
श्रम कार्ड के पंजीयन हेतु निर्धारित पात्रता और दस्तावेज इस प्रकार हैं:
- आवेदक की आयु 14 वर्ष से अधिक होना अनिवार्य
- शहरी क्षेत्र में मासिक आय 15,000 रुपये से अधिक न हो
- ग्रामीण क्षेत्र में मासिक आय 10,000 रुपये से अधिक न हो
- आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति, आय प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र (अंकसूची/मतदाता पहचान पत्र/जन्म प्रमाण पत्र), स्व-घोषणा पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो
- पंजीयन के लिए आवेदक की स्वयं उपस्थिति अनिवार्य, साथ ही मौके पर लाइव फोटो लिया जाता है
ग्रामीणों के लिए बन रहा भरोसे का मंच
सुशासन तिहार के तहत लगाए जा रहे शिविर प्रशासन को आम जनता के करीब लाने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। इससे ग्रामीणों और श्रमिकों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल रहा है और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो रहा है।

