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Arpa Riverbank पर हरियाली की नई क्रांति… बिलासपुर में मियावाकी जंगल से बदलेगा पर्यावरण… 15 हजार पौधों से बनेगा ग्रीन कॉरिडोर

A New Revolution in Greenery on the Banks of the Arpa River... Miyawaki Forests Set to Transform the Environment in Bilaspur... A Green Corridor to be Created Using 15,000 Saplings.

Arpa Riverbank

रायपुर, 06 मई Arpa Riverbank : छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी पहल के तहत अरपा नदी के तट पर सघन हरियाली विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की गई है। केदार कश्यप के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम द्वारा साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के सहयोग से बिलासपुर में मियावाकी पद्धति से जंगल विकसित किया जा रहा है।

1.5 हेक्टेयर क्षेत्र में उगेगा घना शहरी जंगल

यह परियोजना कमिश्नर कार्यालय (कोनी) के पीछे अरपा नदी तट के लगभग 1.5 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जा रही है, जहां करीब 15,000 पौधों का सघन रोपण किया जाएगा। इसके लिए एक मीटर गहरी खाई तैयार कर उपजाऊ मिट्टी में पौधों को वैज्ञानिक तरीके से लगाया जा रहा है, ताकि उनका तेजी से विकास हो सके।

क्या है मियावाकी पद्धति? जानिए इसकी खासियत

मियावाकी पद्धति एक आधुनिक जापानी तकनीक है, जो खासतौर पर शहरी क्षेत्रों के लिए बेहद प्रभावी मानी जाती है।

यह पद्धति कम समय में घना, स्वावलंबी और टिकाऊ जंगल तैयार करने में सक्षम है।

पहले भी मिल चुकी है बड़ी सफलता

वन विकास निगम इससे पहले भी बिलासपुर में एनटीपीसी सीपत के सहयोग से 94 हजार पौधों का मियावाकी वन विकसित कर चुका है, जो आज सफल उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। अरपा तट पर विकसित होने वाला यह नया जंगल शहर के तापमान को नियंत्रित करने, वायु गुणवत्ता सुधारने और नागरिकों को स्वच्छ वातावरण देने में अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही यह क्षेत्र जैव विविधता के संरक्षण और शहरी पारिस्थितिकी संतुलन को मजबूत करने में भी सहायक होगा।

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