BIHAN MODEL : राष्ट्रीय मंच पर चमका छत्तीसगढ़… फाइलेरिया और मलेरिया उन्मूलन में मिला सम्मान

BIHAN MODEL : राष्ट्रीय मंच पर चमका छत्तीसगढ़… फाइलेरिया और मलेरिया उन्मूलन में मिला सम्मान

रायपुर, 02 मई। BIHAN MODEL : जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। National Summit on Innovation and Inclusivity – Best Practices Shaping India’s Future में राज्य को फाइलेरिया और मलेरिया उन्मूलन के लिए अपनाई गई नवाचारी पहलों पर सम्मानित किया गया।

BIHAN मॉडल बना बदलाव की मिसाल

फाइलेरिया उन्मूलन में BIHAN (State Rural Livelihood Mission) से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका बेहद अहम रही। इन समूहों ने घर-घर पहुंचकर दवा सेवन सुनिश्चित किया और जागरूकता फैलाकर लोगों की भ्रांतियां दूर कीं। नतीजतन, दवा लेने से मना करने वाले लगभग 74% लोगों को भी तैयार किया गया।

‘मलेरिया मुक्त बस्तर’ अभियान की बड़ी सफलता

मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के तहत दूरस्थ इलाकों में घर-घर स्क्रीनिंग, त्वरित जांच और समय पर इलाज सुनिश्चित किया गया। खास बात यह रही कि लक्षणहीन मरीजों की पहचान कर संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा गया।

आंकड़ों में दिखा असर

राज्य का API 2019 में 1.97 से घटकर 2025 में 0.90 हो गया, जबकि बस्तर क्षेत्र में यह 13.12 से घटकर 6.98 तक पहुंच गया—जो इस अभियान की प्रभावशीलता को दर्शाता है।

देश के लिए बना प्रेरणादायक मॉडल

विशेषज्ञों ने छत्तीसगढ़ के सामुदायिक भागीदारी आधारित इस मॉडल को अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बताया। कम लागत में अधिक प्रभाव देने वाली यह पहल दर्शाती है कि स्थानीय रणनीति और जनसहभागिता से बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों पर काबू पाया जा सकता है। राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी ऐसे नवाचारों और सामुदायिक प्रयासों को बढ़ावा देकर जनस्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा।

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