रायपुर, 30 अप्रैल। Drone Surveillance : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब खनन क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी शुरू कर दी गई है, जिससे रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव हो गई है और अवैध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
ड्रोन से रियल टाइम निगरानी, बढ़ेगी कार्रवाई की सटीकता
सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर खनन क्षेत्रों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। ड्रोन लगभग 5 किलोमीटर की रेंज और 120 मीटर की ऊंचाई से निगरानी कर सकते हैं, जिससे बड़े और दुर्गम इलाकों में भी आसानी से नजर रखी जा रही है।
हाईटेक फीचर्स से लैस ड्रोन
खनिज विभाग के अनुसार, ड्रोन में हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरा, नाइट विजन और एआई आधारित विश्लेषण प्रणाली जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। इससे संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पहचान कर मौके पर कार्रवाई संभव हो पा रही है।
कांकेर में ड्रोन एक्शन, मशीन और वाहन जब्त
29 अप्रैल 2026 को कांकेर जिले के तहकापार रेत खदान क्षेत्र में ड्रोन के जरिए सघन निगरानी और छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान अवैध खनन में संलिप्त लोगों की पहचान हुई, लेकिन ड्रोन की मौजूदगी देखते ही आरोपी वाहन छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद महानदी के किनारे भूईगांव क्षेत्र में अभियान चलाकर एक पोकलेन मशीन (JCB 215 LC) और एक हाईवा (CG08AV0975) जब्त किया गया।
राजस्व संरक्षण और कानून व्यवस्था को मजबूती
इस पहल से न केवल अवैध खनन पर लगाम लगेगी, बल्कि राजस्व हानि भी रुकेगी। साथ ही अवैध कारोबार में शामिल लोगों को सख्त संदेश जाएगा कि अब बच निकलना आसान नहीं है।
सुशासन और तकनीकी नवाचार का उदाहरण
ड्रोन निगरानी की यह व्यवस्था राज्य में सुशासन और तकनीकी नवाचार का मजबूत उदाहरण बनकर उभर रही है। इससे खनिज संसाधनों का संरक्षण और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित होगी।

