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Self-Help Group : जहां चाह, वहां राह… ईंट निर्माण से महिलाओं ने बदली किस्मत… 4 लाख के ऋण से शुरू हुआ स्वरोजगार

Self-Help Group: Where There's a Will, There's a Way... Women Transform Their Fortunes Through Brick Manufacturing... Self-Employment Journey Launched with a Loan of ₹4 Lakhs.

Self-Help Group

रायपुर, 29 अप्रैल। Self-Help Group : आदिवासी बहुल कोंडागांव जिले के दूरस्थ ग्राम पंचायत कुधुर में महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की एक प्रेरक मिसाल पेश की है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के तहत लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अब ईंट निर्माण कार्य से अपनी अलग पहचान बना रही हैं।

4 लाख के ऋण से शुरू हुआ स्वरोजगार

कलेक्टर नुपुर राशि पन्ना के मार्गदर्शन में समूह की महिलाओं ने सीआईएफ और बैंक लिंकेज के माध्यम से 4 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर सीमेंट ईंट निर्माण का कार्य शुरू किया। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आज उनका यह प्रयास सफल उद्यम में बदल चुका है।

गांव-गांव में बढ़ रही ईंटों की मांग

महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही मजबूत और गुणवत्तापूर्ण ईंटों की मांग आसपास के गांवों में तेजी से बढ़ रही है। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है, बल्कि गांव के अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।

घरेलू दायरे से निकलकर बनीं आर्थिक रूप से सशक्त

पहले जहां ये महिलाएं घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, अब वे आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। इससे उनके आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

बिहान योजना बनी बदलाव की ताकत

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के तहत महिलाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और आर्थिक सहायता मिली, जिससे यह पहल सफल हो सकी। कुधुर की यह कहानी महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास का बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरी है।

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