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Barnawapara Sanctuary बना सफलता की मिसाल… विलुप्ति के कन्या से पुनर्वास तक का सफर

Barnawapara Sanctuary Becomes a Model of Success... A Journey from the Brink of Extinction to Rehabilitation

Barnawapara Sanctuary

रायपुर, 27 अप्रैल। Barnawapara Sanctuary : PM नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में छत्तीसगढ़ में काले हिरणों के संरक्षण अभियानों की सराहना की है। इस उल्लेख से राज्य की सुधारों की पहल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है और भूमि स्तर पर कार्य कर रहे लोगों का सशक्तिकरण बढ़ाया है। बरनवापारा वन्यजीव अभयारण्य आज काले हिरण संरक्षण की एक बड़ी सफलता के रूप में एकल है। लगभग 245 वर्ग किलोमीटर में फल इस अभयारण्य में अब करीब 200 काले हिरण सुरक्षित रूप से विचरण कर रहे हैं, जो नियोजित अभियानों और वैज्ञानिक प्रबंधन का परिणाम है।

एक समय ऐसा था जब 1970 के दशक के बाद प्रबंध और आवास नष्ट होने के कारण काले हिरण इस क्षेत्र से लगभग समाप्त हो गए थे। लेकिन 2018 में पुनर्स्थापन योजना की अपनाने के बाद सुयोग्य अभियानों से उनकी वापसी संभव हो और आज यह क्षेत्र पुनर्जीवन की मिसाल बन गया है।

वैज्ञानिक प्रबंधन से मिली सफलता

संरक्षण के दौरान कई महत्वाकांक्षी सामने आए, जिनमें बीमारी के कारण कुछ हिरणों की मौत भी शामिल रही। इसके बाद प्रबंधन में सुधार करते हुए बेहतर जल निकासी, पोषण, बाड़ों की संरचना और पशु चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत किया गया, जिससे उनकी संख्या स्थिर होकर बढ़ने लगी।

प्राकृतिक आवास में फिर से बस रही प्रजाति

काला हिरण खुले घास के मैदानों में पाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण प्रजाति है। बारनवापारा में इनकी बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि यह प्रजाति अपने प्राकृतिक वातावरण में फिर से सफलतापूर्वक अनुकूल हो रही है।

भविष्य के लिए मजबूत आधार

काले हिरणों की संख्या में वृद्धि यह कार्यभार है कि भविष्य में इन्हें खुले जंगल में छोड़ने की दिशा में ठोस आधार तैयार हो चुका है। यह पहल न केवल जैव विविधता संरक्षण का उदाहरण है, बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यावरणीय प्रयासों को नई पहचान भी दे रही है।

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