कोंडागांव, 25 अप्रैल NCAER : कोंडागांव जिले में राज्य शासन द्वारा “बस्तर मुन्ने” कार्यक्रम की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का त्वरित लाभ पहुंचाना है। इस पहल के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले वंचित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के तहत National Council of Applied Economic Research (NCAER) सर्वेक्षण में “नियद नेल्लानार” के अंतर्गत चिन्हित 31 योजनाओं से वंचित परिवारों को शत-प्रतिशत लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित न रहे।
संतृप्तता शिविरों के माध्यम से सीधा लाभ वितरण
अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत, क्लस्टर एवं विकासखण्ड स्तर पर संतृप्तता शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जहां सर्वेक्षण के आधार पर पात्रता का परीक्षण कर तत्काल योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा। साथ ही जो परिवार सर्वेक्षण से छूट गए हैं, उन्हें भी पंजीकृत कर लाभ से जोड़ा जाएगा।
चरणबद्ध क्रियान्वयन से सुनिश्चित होगा प्रभावी परिणाम
कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है, जिसमें पहले चरण में जानकारी और तैयारी, दूसरे में शिविरों के माध्यम से लाभ वितरण, तीसरे और चौथे चरण में लंबित प्रकरणों का निराकरण तथा अंतिम चरण में कार्यक्रम की समीक्षा और मूल्यांकन किया जाएगा। इससे अभियान की पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित होगी।
पंचायत स्तर पर भागीदारी और विकास की दिशा
पंचायती राज दिवस के अवसर से ग्राम सभाओं का आयोजन कर स्थानीय स्तर पर सामुदायिक कार्यों का चयन किया जाएगा, जिससे ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी और लोगों की भागीदारी भी बढ़ेगी।
प्रशासन और जनता के बीच मजबूत होता भरोसा
“बस्तर मुन्ने” कार्यक्रम के जरिए न केवल योजनाओं की पहुंच बढ़ रही है, बल्कि प्रशासन और ग्रामीणों के बीच विश्वास भी मजबूत हो रहा है। अब जरूरतमंद परिवारों को योजनाओं का लाभ पाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि सुविधाएं उनके द्वार तक पहुंचेंगी।

