रायपुर, 19 अप्रैल। Rural Development : छत्तीसगढ सरकार की फ्लैगशिप महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ-साथ आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन रही है। विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की करियो के जीवन में इस योजना ने नई खुशहाली लाई है।अंबिकापुर विकासखण्ड के ग्राम रामनगर की निवासी श्रीमती करियो ने योजना से प्राप्त राशि का उपयोग कर अपने परिवार की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है।
सहायता राशि को बनाया आत्मनिर्भरता का आधार
करियो बताती हैं कि पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी और रोजमर्रा के खर्चों के लिए संघर्ष करना पड़ता था। योजना के तहत मिलने वाली राशि को उन्होंने केवल खर्च करने के बजाय सोच-समझकर निवेश का माध्यम बनाया और इसे सहेजकर बकरियां खरीदने में लगाया।
बकरी पालन से मिली आर्थिक मजबूती
बकरी पालन शुरू करने के बाद उनकी आय में निरंतर वृद्धि होने लगी। श्रीमती करियो के अनुसार अब उनके पास छह बकरियां हैं, जो समय-समय पर बच्चे देती हैं और उनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे उन्हें नियमित आय मिलने लगी है और उनका जीवन अधिक सुरक्षित हो गया है।
परिवार में आई खुशहाली
आर्थिक स्थिति बेहतर होने से अब वे अपने परिवार की जरूरतों को आसानी से पूरा कर पा रही हैं। उनके घर में बेहतर खान-पान की व्यवस्था हो गई है और बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित नजर आने लगा है। वे मानती हैं कि उनके जीवन में पहले और अब के हालात में बड़ा बदलाव आया है।
करियो ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दिया है। उनके अनुसार महतारी वंदन योजना ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों की महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

