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Coal Seizure : देवखोल जंगल में अवैध कोयला उत्खनन पर बड़ी कार्रवाई…सुरंगों में घुसकर अभियान… उपकरण भी जब्त

Coal Seizure: Major Crackdown on Illegal Coal Mining in Devkhol Forest... Operation Launched by Entering Tunnels... Equipment Also Seized.

Coal Seizure

रायपुर, 19 अप्रैल। Coal Seizure : कोरिया ज़िला के पटना तहसील अंतर्गत देवखोल जंगल में अवैध कोयला उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में कोयला जब्त किया है। खनिज, वन, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने सघन अभियान चलाकर करीब 150 बोरी, यानी 6 टन 61 किलो अवैध कोयला बरामद किया।

सुरंगों में घुसकर अभियान, उपकरण भी जब्त

जिले में गठित टास्क फोर्स के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान में अधिकारियों ने सुरंगों के भीतर प्रवेश कर कार्रवाई की। इस दौरान कोयले के साथ फावड़ा, गेती, विद्युत पंप, पाइप और बड़ी मात्रा में बिजली के तार भी जब्त किए गए, जिससे स्पष्ट होता है कि अवैध उत्खनन संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा था।

कानूनी धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज

इस मामले में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 की धारा 71 तथा खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

वन विभाग के अनुसार देवखोल क्षेत्र में पूर्व में भी अवैध खदानों को विस्फोट कर बंद किया गया था और South Eastern Coalfields Limited के माध्यम से सुरंगों को सील किया जाता रहा है। इसके बावजूद कुछ लोग दोबारा इन्हें खोलने का प्रयास करते हैं। हाल ही में पटना पुलिस ने भी अवैध कोयला जब्त कर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

निगरानी और सख्ती जारी

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग ने भी नियमित अभियान चलाकर ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने की बात कही है।

ग्रामीणों के लिए वैकल्पिक रोजगार

प्रशासन द्वारा क्षेत्र में वैकल्पिक आजीविका के साधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि ग्रामीण अवैध गतिविधियों से दूर रहें। ग्राम पंचायतों में भूमि समतलीकरण, डबरी निर्माण और तालाब गहरीकरण जैसे विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके। जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों से जोखिमपूर्ण कार्यों से दूर रहने की अपील करते हुए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार और कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया है।

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