Site icon AB News.Press

Meerut Skeleton Case : 4 महीने तक घर में पड़ा रहा कंकाल…! पिता भी बीच-बीच आकर परफ्यूम से छुपाता रहा सड़ांध…चौंकाने वाली है पूरी घटना

Meerut Skeleton Case: Skeleton Lay in the House for Four Months...! Father Visited Periodically to Mask the Putrid Odor with Perfume... The Entire Incident Is Shocking.

Meerut Skeleton Case

मेरठ, 14 अप्रैल। Woman Skeleton Found : उत्तर प्रदेश के मेरठ के सदर बाजार क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 34 वर्षीय प्रियंका बिश्वास की मौत अब रहस्य बन गई है। उनका शव घर के अंदर कंकाल अवस्था में मिला, जिससे पोस्टमार्टम के बाद भी मौत का कारण साफ नहीं हो सका।

डॉक्टरों के अनुसार, शव इतना सड़ चुका था कि शरीर का लगभग 80% हिस्सा नष्ट हो चुका था। न तो मांस बचा था और न ही त्वचा, जिससे मौत के कारण का पता लगाना संभव नहीं हो पाया। अब हड्डियों से डीएनए सैंपल लेकर जांच की जा रही है।

4 महीने तक घर में पड़ा रहा शव

यह घटना तब सामने आई जब मृतक प्रियंका बिस्वास के रिश्तेदारों को कई महीनों तक पिता और बेटी के बारे में कोई खबर नहीं मिली। जब उनके फ़ोन कॉल का कोई जवाब नहीं मिला और उन्हें घर पर ताला लगा मिला, तो परिवार वालों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। इसी बीच, मृतक के पिता, उदय भानु बिस्वास, मेरठ के बेगम बाग कॉलोनी इलाके में एक चाय की दुकान पर बैठे हुए मिले।

जब रिश्तेदारों ने प्रियंका के बारे में सख्ती से पूछा, तो उन्होंने शुरू में दावा किया कि वह देहरादून के एक अस्पताल में भर्ती है। हालांकि, जब उन पर बहुत ज़्यादा दबाव पड़ा, तो उन्होंने जो सच बताया, उससे हर कोई पूरी तरह से हिल गया। उन्होंने कबूल किया कि उनकी बेटी की असल में दिसंबर 2025 में ही मौत हो गई थी, और उसका शव अभी भी घर के अंदर ही पड़ा हुआ था।

मोबाइल बना जांच का अहम सुराग

पुलिस की शुरुआती पूछताछ से पता चला है कि उदय भानु बिस्वास, जो मूल रूप से बंगाल के रहने वाले है, UP बोर्ड में कार्यरत थे, जबकि उनकी बेटी प्रियंका एक निजी शिक्षिका के तौर पर काम करती थी। प्रियंका ‘काला पीलिया’ नामक एक गंभीर बीमारी से पीड़ित थी। हालांकि उदय भानु ने चिकित्सकीय इलाज भी करवाया था, लेकिन उन्हें आध्यात्मिक उपचार की रीतियों और तांत्रिक क्रियाओं पर भी गहरा विश्वास था।

बताया जाता है कि बीमारी और संभवतः उचित चिकित्सकीय देखभाल की कमी के कारण दिसंबर 2025 में प्रियंका का निधन हो गया। अपनी बेटी की मृत्यु के बाद उदय भानु इतने भयभीत हो गए कि किसी को सूचित करने के बजाय, उन्होंने घर को बाहर से ताला लगाया और हरिद्वार भाग गए। पुलिस अब प्रियंका के मोबाइल फोन की तलाश कर रही है। मोबाइल मिलने के बाद कॉल डिटेल्स के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि मौत से पहले क्या हुआ था।

पुलिस जांच में जुटी

नवीना शुक्ला के अनुसार, पिता ने दावा किया है कि प्रियंका की मौत बीमारी से हुई थी, लेकिन उन्होंने अंतिम संस्कार नहीं किया। वहीं, अशोक कटारिया ने बताया कि शव कई महीने पुराना था, इसलिए कारण स्पष्ट नहीं हो सका।

हर एंगल से जांच

पुलिस ने साफ किया है कि तंत्र-मंत्र जैसी कोई बात सामने नहीं आई है, लेकिन बीमारी और झाड़-फूंक की जानकारी जरूर मिली है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

Exit mobile version