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Gyan Bharatam अभियान को छत्तीसगढ़ में रफ्तार… 4 हजार से अधिक पांडुलिपियों का सर्वे

'Gyan Bharatam' Campaign Gains Momentum in Chhattisgarh... Survey of Over 4,000 Manuscripts

Gyan Bharatam

रायपुर, 12 अप्रैल। Gyan Bharatam : छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया “ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान” तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस पहल का उद्देश्य राज्य में उपलब्ध प्राचीन एवं ऐतिहासिक पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित और डिजिटल माध्यम से भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना है। मार्च 2026 से शुरू हुए इस राष्ट्रव्यापी अभियान में छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है।

जिलों में तेजी से बन रही संरचना

प्रदेश के 33 जिलों में से अब तक 26 जिलों में जिला स्तरीय समितियों का गठन कर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जा चुकी है, जबकि शेष जिलों में यह प्रक्रिया जारी है। जिला स्तर पर समितियों की बैठकें आयोजित कर पांडुलिपियों का संग्रह करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं की पहचान की जा रही है। साथ ही, गांव और क्षेत्र स्तर पर सर्वेक्षकों की नियुक्ति कर जमीनी स्तर पर कार्य को मजबूत किया जा रहा है।

प्रशिक्षण से बढ़ रही कार्य की गुणवत्ता

संस्कृति विभाग, जो इस अभियान का नोडल विभाग है, “ज्ञानभारतम” के क्षेत्रीय संयोजकों के सहयोग से जिला स्तर पर प्रशिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दे रहा है। इससे सर्वेक्षण कार्य को सटीक और प्रभावी तरीके से पूरा किया जा रहा है।

पांडुलिपियों के सर्वे में बड़ी उपलब्धि

अभियान की शुरुआत में भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में 148 पांडुलिपियों की जानकारी दी गई थी। अब यह संख्या तेजी से बढ़ी है। वर्तमान में राज्य के 6 जिलों में सर्वेक्षण कार्य शुरू हो चुका है और अब तक 4191 पांडुलिपियों का सर्वे “ज्ञानभारतम एप” के माध्यम से पूरा किया जा चुका है।

सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम

यह अभियान न केवल राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का कार्य कर रहा है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इन अमूल्य पांडुलिपियों को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने का भी एक सशक्त माध्यम बन रहा है।

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