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Connectivity : बस्तर के सुदूर कोलेंग में विकास की नई रोशनी… दहशत से खुशहाली तक का सफर…बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़े अवसर

Connectivity: A New Dawn of Development in Remote Koleng, Bastar... A Journey from Terror to Prosperity... Enhanced Connectivity Brings Increased Opportunities.

Connectivity

रायपुर, 11 अप्रैल। Connectivity : बस्तर का वह सुदूर वनांचल, जहां कभी सन्नाटा और माओवादी दहशत का माहौल था, आज विकास और खुशहाली की नई कहानी लिख रहा है। जिले के दरभा विकासखंड का कोलेंग क्षेत्र, जो वर्षों तक विकास से अछूता रहा, अब सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित होकर मुख्यधारा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

कभी था अलग-थलग, अब जुड़ा विकास की मुख्यधारा से

पहले कोलेंग और आसपास के गांव बारिश के दिनों में टापू बन जाते थे। आवागमन बेहद कठिन था और ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता था। आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं और गांव सीधे शासन-प्रशासन से जुड़ गए हैं।

सड़क नेटवर्क से बदली तस्वीर

जगदलपुर से लेकर कोलेंग, चांदामेटा, छिंदगुर, काचीरास, सरगीपाल और कान्दानार जैसे दुर्गम गांवों तक अब बारहमासी पक्की सड़कों का जाल बिछ चुका है। इससे न केवल आवागमन आसान हुआ है, बल्कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा भी अब ग्रामीणों की पहुंच में आ गई हैं।

जनप्रतिनिधियों ने बताया ऐतिहासिक बदलाव

कोलेंग के सरपंच लालूराम नाग इस परिवर्तन को ऐतिहासिक बताते हैं। उनका कहना है कि पहले यह क्षेत्र पूरी तरह कटा हुआ था, लेकिन माओवादी गतिविधियों में कमी और शासन की सक्रियता से अब ग्रामीणों के जीवन स्तर में बड़ा सुधार आया है। छिंदगुर जैसे गांव अब सीधे जिला मुख्यालय से जुड़ चुके हैं। सरपंच सुकमन नाग के अनुसार यह सरकार की अंतिम छोर तक विकास पहुंचाने की प्रतिबद्धता का परिणाम है।

आर्थिक स्थिति में आया सुधार

सड़क और संचार सुविधाओं के विस्तार का सबसे बड़ा असर ग्रामीणों की आय पर पड़ा है। अब वे अपनी वनोपज और कृषि उत्पादों को आसानी से मंडियों तक पहुंचा पा रहे हैं, जिससे आय में वृद्धि हुई है और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।

बदलती पहचान, बढ़ती उम्मीदें

कभी उपेक्षित रहा यह वनांचल अब अपनी पुरानी पहचान को पीछे छोड़कर विकास की नई राह पर अग्रसर है। कोलेंग क्षेत्र आज न केवल बुनियादी सुविधाओं से सशक्त हुआ है, बल्कि यह क्षेत्र अब खुशहाली और उम्मीद की नई मिसाल बन रहा है।

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