रायपुर, 10 अप्रैल। Jal Jeevan Mission :कभी नक्सल गतिविधियों के कारण विकास से दूर रहा कोयलीबेड़ा विकासखंड का ग्राम हेटारकसा अब तेजी से बदलाव की राह पर आगे बढ़ रहा है। जहां पहले बुनियादी सुविधाएं भी मुश्किल थीं, वहीं अब सरकारी योजनाओं और बेहतर सुरक्षा माहौल के चलते गांव में विकास के नए आयाम नजर आ रहे हैं। वर्षों तक ग्रामीण कुओं और नालों पर निर्भर थे, जिससे खासकर गर्मी में पानी की भारी किल्लत होती थी। अब जल जीवन मिशन के तहत गांव के 63 घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाए गए हैं। दो सोलर पंप आधारित जल टंकियों के माध्यम से हर घर में नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों का जीवन आसान हुआ है।
ग्रामीणों की बदली दिनचर्या
गांव के निवासी राजनाथ पोटाई के अनुसार, पहले पानी लाने के लिए दूर जाना पड़ता था, जिससे समय और श्रम दोनों अधिक लगता था। वहीं सविता बेन बताती हैं कि अब नल-जल सुविधा से उन्हें बड़ी राहत मिली है और वे अन्य कार्यों पर ध्यान दे पा रही हैं।
स्वास्थ्य और आजीविका में सुधार
स्वच्छ पेयजल मिलने से जलजनित बीमारियों में कमी आई है। साथ ही ग्रामीण घरों के आसपास सब्जी उत्पादन कर रहे हैं, जिससे पोषण स्तर बेहतर हुआ है और अतिरिक्त आय के अवसर भी बढ़े हैं।
विकास और सुरक्षा का समन्वय
इस नक्सल प्रभावित क्षेत्र में योजनाओं का सफल क्रियान्वयन प्रशासन के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया है। ग्राम हेटारकसा की बदली तस्वीर यह साबित करती है कि सुरक्षा, विश्वास और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी विकास संभव है।

