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Krishi Vikas : छत्तीसगढ़ में जलाशयों में बढ़ा जल भराव, किसानों को मिलेगा बेहतर सिंचाई लाभ

Agricultural Development: Water levels rise in Chhattisgarh's reservoirs; farmers to benefit from improved irrigation.

Agricultural Development

रायपुर, 10 अप्रैल। Krishi Vikas :छत्तीसगढ़ में इस वर्ष सिंचाई परियोजनाओं में जल भराव की स्थिति काफी बेहतर दर्ज की गई है। राज्य के 46 प्रमुख जलाशयों में औसतन 67.43 प्रतिशत जल भराव है, जो वर्ष 2025 के 45.23 प्रतिशत और 2024 के 42 प्रतिशत की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है।

वृहद परियोजनाओं में जल स्तर में सुधार

राज्य की 12 वृहद सिंचाई परियोजनाओं में वर्तमान जल भराव 68.19 प्रतिशत है, जबकि पिछले वर्षों में यह काफी कम था। प्रमुख जलाशयों में मनियारी (90.41%), मुरूमसिल्ली (86.85%), खारंग (84.99%) और दुधावा (84.54%) में उच्च जल स्तर दर्ज किया गया है।

मध्यम परियोजनाओं में भी बेहतर स्थिति

34 मध्यम सिंचाई परियोजनाओं में 63.38 प्रतिशत जल भराव दर्ज किया गया है, जो 2025 और 2024 की तुलना में अधिक है। छिरपानी, खपरी और पिपरिया नाला जैसे जलाशयों में 85 से 90 प्रतिशत से अधिक जल उपलब्ध है।

किसानों के लिए नियंत्रित जल वितरण

जल संसाधनों का उपयोग किसानों की जरूरतों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। रविशंकर सागर (गंगरेल) जलाशय से धमतरी और रायपुर क्षेत्रों में नहरों के जरिए सिंचाई और निस्तारी जल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी तरह दुधावा, सोंढूर और कोडार परियोजनाओं से भी नियंत्रित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। मध्यम परियोजनाओं से भी नहरों और स्लुइस गेट के माध्यम से जल छोड़ा जा रहा है, जिससे रबी फसलों की अंतिम सिंचाई और ग्रीष्मकालीन फसलों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सके।

सरकार का फोकस: किसानों को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और जल संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित किया जा रहा है। बेहतर वर्षा, सुनियोजित जल प्रबंधन और प्रभावी संचालन के कारण इस वर्ष जलाशयों में जल भराव की स्थिति मजबूत हुई है। इससे किसानों को समय पर सिंचाई जल उपलब्ध होगा और कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ आय में भी सुधार होगा।

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