Van Dhan Vikas Kendra : आदिवासी सशक्तिकरण की नई दिशा… जशपुर का पंचक्की बना जनजातीय उद्यमिता का मॉडल

Van Dhan Vikas Kendra : आदिवासी सशक्तिकरण की नई दिशा… जशपुर का पंचक्की बना जनजातीय उद्यमिता का मॉडल

रायपुर, 09 अप्रैल। Van Dhan Vikas Kendra :वन धन विकास केंद्र (VDVK) आदिवासी समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक प्रभावशाली पहल बनकर उभरे हैं। ये केंद्र स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को जोड़कर लघु वनोपज (MFP) के मूल्यवर्धन, प्रसंस्करण और विपणन के जरिए आय और आजीविका में सुधार ला रहे हैं।

जंगल से उत्पाद, उत्पाद से रोजगार

इन केंद्रों के माध्यम से आदिवासी समूह औषधीय जड़ी-बूटियों से च्यवनप्राश, वासावलेह, कौंचपाक और आरोग्य अमृत जैसे उत्पाद तैयार कर रहे हैं। इससे उन्हें स्थायी रोजगार और स्थानीय स्तर पर आय के नए अवसर मिल रहे हैं।

जशपुर का पंचक्की बना मॉडल

जशपुर जिले के पंचक्की स्थित वन धन विकास केंद्र के अंतर्गत संचालित स्व-सहायता समूह ग्रामीण उद्यमिता का सफल उदाहरण बनकर सामने आए हैं। इस पहल से उरांव जनजाति के जीवन में उल्लेखनीय बदलाव आया है।

योजनाओं का मजबूत सहयोग

यह पहल प्रधानमंत्री जनजातीय वन धन विकास योजना (PMJVM) के तहत छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ औरTRIFED के सहयोग से संचालित हो रही है, जिससे समूहों को प्रशिक्षण और बाजार दोनों मिल रहे हैं।वित्तीय वर्ष 2025-26 में इन समूहों ने 23.16 लाख रुपये की बिक्री दर्ज की है, जबकि पिछले पांच वर्षों में औसत वार्षिक बिक्री 31.9 लाख रुपये रही है। यह उनकी मेहनत और उत्पादों की गुणवत्ता का परिणाम है।

प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता

CGMFED द्वारा समूहों को गुणवत्ता, स्वच्छता, पैकेजिंग और मूल्य संवर्धन का प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही, विशेषज्ञों की मदद से मशीनरी और मार्केटिंग सपोर्ट भी उपलब्ध कराया गया है।

‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ से बाजार में पहचान

समूह ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ ब्रांड के तहत अपने उत्पाद ‘संजीवनी’ आउटलेट्स के माध्यम से बेच रहे हैं। आयुष विभाग से लाइसेंस प्राप्त होने से उत्पादों की विश्वसनीयता भी बढ़ी है। इस पहल से समूह के सदस्यों की आय बढ़ी है, जिससे वे अपने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान दे पा रहे हैं। साथ ही, सम्मान मिलने से उनका आत्मविश्वास और सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ी है।

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