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Jaggi Murder Case Update : जग्गी हत्याकांड में बड़ा फैसला…! अमित जोगी बने मास्टरमाइंड…आजीवन कारावास की सजा सुनाई

Jaggi Murder Case Update: Major Verdict in the Jaggi Murder Case...! Amit Jogi Identified as Mastermind... Sentenced to Life Imprisonment.

Jaggi Murder Case Update

बिलासपुर, 06 अप्रैल। Jaggi Murder Case Update : छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने 2003 के चर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व विधायक Amit Jogi को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के 2007 के फैसले को पलटते हुए उन्हें हत्या की साजिश का मुख्य आरोपी माना है।

कोर्ट ने पलटा 2007 का फैसला

मुख्य न्यायाधीश Ramesh Sinha और न्यायमूर्ति Arvind Kumar Verma की खंडपीठ ने सीबीआई की अपील और शिकायतकर्ता की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया। कोर्ट ने आईपीसी की धारा 120-बी, 302/34 और 427/34 के तहत अमित जोगी को दोषी ठहराया।

क्या है पूरा मामला

Ram Avtar Jaggi, जो Nationalist Congress Party (एनसीपी) के नेता थे, की 4 जून 2003 को रायपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उनकी कार पर फायरिंग की थी, जिसके बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई।

सीबीआई जांच में सामने आई साजिश

मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई, जिसमें राजनीतिक साजिश का खुलासा हुआ। जांच एजेंसी के मुताबिक, एनसीपी की प्रस्तावित रैली को रोकने के लिए यह हत्या कराई गई थी।

अमित जोगी को बताया गया मुख्य साजिशकर्ता

सीबीआई ने अपनी जांच में दावा किया कि Amit Jogi ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रची और शूटर को हत्या की जिम्मेदारी सौंपी। कोर्ट ने गवाहों के बयान, कॉल डिटेल, विजिटर्स रजिस्टर और कबूलनामे को अहम साक्ष्य मानते हुए साजिश को साबित माना।

ट्रायल कोर्ट ने किया था बरी

गौरतलब है कि 2007 में ट्रायल कोर्ट ने अमित जोगी को बरी कर दिया था, जबकि अन्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा दी गई थी। इस फैसले को सीबीआई और मृतक के परिजनों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट का फैसला ‘पक्षपाती और साक्ष्यों के विपरीत’ था। अदालत ने माना कि साजिश के सभी सबूत अमित जोगी की भूमिका की पुष्टि करते हैं और उन्हें मुख्य साजिशकर्ता के रूप में दोषी ठहराया जाना उचित है।

सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे

फैसले के बाद Amit Jogi ने Supreme Court of India का दरवाजा खटखटाया (Jaggi Murder Case Update) है। इससे पहले हाईकोर्ट ने उन्हें तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया था।
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