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Drug Network : रायपुर में इंटरनेशनल ड्रग्स रैकेट का खुलासा…! दुबई से रायपुर तक फैला जाल…दिल्ली से ऑपरेट हो रहा सिंडिकेट…Dead Drop सिस्टम से सप्लाई 

Drug Network: International Drug Racket Busted in Raipur...! A Web Spanning from Dubai to Raipur... Syndicate Operating from Delhi... Supplies Delivered via 'Dead Drop' System.

Drug Network

रायपुर, 05 अप्रैल। Drug Network : राजधानी में सूखा नशा और सिंथेटिक ड्रग्स तस्करी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली से पकड़े गए दो आरोपियों से पूछताछ में इंटरनेशनल ड्रग्स नेटवर्क का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

‘प्रोफेसर गैंग’ से जुड़े आरोपी

गिरफ्तार आरोपी कुख्यात ‘प्रोफेसर गैंग’ से जुड़े बताए जा रहे हैं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे दिल्ली के ‘भूतनाथ गैंग’ से ड्रग्स लेकर कोरियर के जरिए रायपुर और अन्य शहरों में सप्लाई करते थे।

‘भूतनाथ’ निकला विदेशी नागरिक

पुलिस जांच में सामने आया कि ‘भूतनाथ’ नाम से ऑपरेट करने वाला शख्स एक विदेशी नागरिक है, जो नाइजीरियन नेटवर्क से जुड़ा हुआ है और दिल्ली से पूरे सिंडिकेट को संचालित कर रहा है। जांच में महेश खड़का और कुसुम हिन्दुजा का नाम सामने आया है। ये दोनों दिल्ली में बैठकर एमडीएमए, कोकीन और पार्टी पिल्स की सप्लाई का नेटवर्क चला रहे थे।

दुबई से रायपुर तक ड्रग्स का रूट

इस नेटवर्क की जड़ें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैली हुई हैं। दुबई से भारत में ड्रग्स लाई जाती हैं। इनकी प्रोसेसिंग गुजरात में होती है। इस नेटवर्क के ज़रिए दिल्ली में इनका वितरण किया जाता है, जिसके बाद कूरियर के माध्यम से इन्हें अन्य राज्यों, जिनमें रायपुर भी शामिल है, में पहुंचाया जाता है।

‘डेड ड्रॉप सिस्टम’ से डिलीवरी

आरोपी ‘Dead Drop System’ का इस्तेमाल कर रहे थे। इसमें ड्रग्स को सुनसान जगह पर रखकर उसकी लोकेशन और वीडियो ग्राहकों को भेज दी जाती थी, जिससे बिना संपर्क के डिलीवरी पूरी हो जाती थी।

रैपिडो राइडरों का इस्तेमाल

ड्रग्स सप्लाई के लिए कोरियर सर्विस और रैपिडो बाइक राइडरों का उपयोग किया जा रहा था। आरोपी कुणाल मंगतानी ड्रग्स रिसीव कर अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाने का काम करता था।

पुलिस के लिए बड़ी चुनौती

रायपुर पुलिस ने पिछले 6 साल में 50 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर करोड़ों की ड्रग्स जब्त की है, लेकिन नाइजीरियन नेटवर्क से जुड़े ऐसे सिंडिकेट अब भी बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

युवाओं को बनाया जा रहा निशाना

पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क खासतौर पर युवाओं को टारगेट कर रहा है। सोशल मीडिया, कोडवर्ड और पार्टी कल्चर के जरिए नशे का जाल फैलाया जा रहा है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत दें, ताकि इस खतरनाक नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके।

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