रायपुर, 05 अप्रैल। Chhattisgarh : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता और तकनीकी नवाचार के जरिए बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में 16,625 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व अर्जित कर लक्ष्य का 98 प्रतिशत प्राप्त किया है।
राजस्व में 14 प्रतिशत की वृद्धि
खनिज विभाग के अनुसार इस वर्ष खनिज राजस्व में 14 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्ज की गई है, जो पिछले पांच वर्षों की औसत वार्षिक वृद्धि दर (6 प्रतिशत) से दोगुनी से अधिक है। यह वृद्धि प्रभावी नीतियों और मजबूत निगरानी व्यवस्था का परिणाम मानी जा रही है।
डिस्पैच रूट और आईटी प्लेटफॉर्म का योगदान
राजस्व वृद्धि के प्रमुख कारणों में एनएमडीसी और अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के लिए डिस्पैच रूट्स का बेहतर अनुकूलन शामिल है। साथ ही ‘खनिज 2.0’ (Khanij 2.0) प्लेटफॉर्म के उपयोग से पारदर्शिता और संचालन दक्षता में सुधार हुआ है।
निगरानी व्यवस्था होगी और मजबूत
आगामी वित्तीय वर्ष में सरकार गौण खनिजों को भी ‘खनिज 2.0’ प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा खनिज परिवहन की निगरानी के लिए वीटीएस, आई-चेक गेट्स और ड्रोन तकनीक का विस्तार किया जाएगा।
आर्थिक मजबूती की दिशा में कदम
सरकार का लक्ष्य खनिज संसाधनों के प्रबंधन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इससे न केवल राज्य का राजस्व बढ़ेगा, बल्कि विकास कार्यों के लिए संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार खनिज क्षेत्र में सुधार और नवाचार के माध्यम से सतत विकास की दिशा में कार्य कर रही है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

