रायपुर, 04 अप्रैल। CG Rehabilitation Policy : छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव की नई कहानी लिख रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आत्मसमर्पित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास तेज़ी से किए जा रहे हैं।
32 युवाओं को मिला मेसन किट
सुकमा जिला मुख्यालय स्थित लाइवलीहुड कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में 32 आत्मसमर्पित युवाओं को मेसन (राजमिस्त्री) किट प्रदान की गई। कार्यक्रम कलेक्टर अमित कुमार के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ, जहां युवाओं को रोजगार के प्रति प्रेरित किया गया।
“नई जिंदगी की मजबूत नींव”
कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि पुनर्वास केवल आत्मसमर्पण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य युवाओं को स्थायी आजीविका और समाज में सम्मान दिलाना है। उन्होंने मेसन किट को युवाओं के नए जीवन की मजबूत नींव बताते हुए उन्हें मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
रोजगार और स्वरोजगार के अवसर
राजमिस्त्री कार्य को एक महत्वपूर्ण कौशल बताते हुए अधिकारियों ने कहा कि इससे युवाओं को निर्माण कार्यों में रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर भी मिलेंगे। इससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगे और अपने परिवार की स्थिति सुधार पाएंगे।
आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम
इस पहल से यह स्पष्ट संदेश गया है कि पुनर्वास का अर्थ केवल मुख्यधारा में लौटना नहीं, बल्कि आत्मसम्मान के साथ जीवन को नई दिशा देना है। यह प्रयास नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

