रायपुर, 03 अप्रैल। Jashpur Development : कभी जिन गांवों तक बस की पहुंच नहीं थी, आज वहां बस के आते ही बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठते हैं। सड़क पर बस दिखते ही बच्चे हाथ हिलाकर स्वागत करते हैं और हॉर्न की आवाज़ सुनते ही ग्रामीण घरों से बाहर निकल आते हैं। यह बदलाव अब शहर, नगर और विकासखंड मुख्यालय तक आसान पहुंच का प्रतीक बन चुका है।
पैदल सफर से बस यात्रा तक का बदलाव
ग्रामीण बताते हैं कि पहले उन्हें दूसरे स्थानों तक जाने के लिए पैदल या निजी साधनों का सहारा लेना पड़ता था। अब बस सेवा शुरू होने से स्कूल के बच्चे समय पर पहुंच रहे हैं और अधिकारी-कर्मचारी भी नियमित रूप से अपनी ड्यूटी निभा पा रहे हैं।
पहाड़ी क्षेत्रों में महिलाओं को बड़ी राहत
जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के सन्ना की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनीता निकुंज बताती हैं कि पहले उन्हें केंद्र तक पहुंचने के लिए लिफ्ट लेनी पड़ती थी या पैदल जाना पड़ता था। पहाड़ी रास्तों के कारण यह बेहद कठिन था। अब बस सेवा ने उनकी इस समस्या को काफी हद तक दूर कर दिया है।
ग्रामीणों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
ग्राम मरंगी के दशरथ भगत बताते हैं कि पहले इस सड़क पर बस नहीं चलती थी, जिससे उन्हें पैदल आना-जाना पड़ता था। अब बस शुरू होने से वे आसानी से बगीचा जाकर समय पर लौट आते हैं।
वहीं, मंगलराम कहते हैं कि पहले वे छिछली और चंपा जैसे बाजारों तक पैदल जाते थे, लेकिन अब बस से सफर आसान हो गया है।
विकास की ओर मजबूत कदम
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत अब उन गांवों तक भी बस सेवा पहुंच रही है, जहां पहले कभी परिवहन की सुविधा नहीं थी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है और ग्रामीण जीवन मुख्यधारा से जुड़ रहा है।

