रायपुर, 03 अप्रैल। Jal Jeevan Mission महासमुंद जिले के सरायपाली विकासखंड का ग्राम लांती अब “हर घर जल” योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए पहचाना जा रहा है। जहां कभी ग्रामीण हैंडपंपों पर निर्भर थे, वहीं अब 233 घरों तक नल के माध्यम से नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है।
जल संकट से जूझता था गांव
ग्राम लांती में लंबे समय से पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई थी। विशेष रूप से गर्मी के मौसम में जल संकट गहरा जाता था, जिससे ग्रामीणों—खासकर महिलाओं—को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ता था। इससे समय की बर्बादी के साथ-साथ शारीरिक श्रम भी अधिक करना पड़ता था।
जल जीवन मिशन से बदली स्थिति
जल जीवन मिशन के तहत गांव में 85.04 लाख रुपये की लागत से जल प्रदाय प्रणाली विकसित की गई। इसके अंतर्गत एक ऊंची पानी टंकी का निर्माण और लगभग 4400 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई।
पहले जहां केवल 6 हैंडपंप और 2 पावर पंप ही जल का सहारा थे, वहीं अब अधिकांश घरों में नल कनेक्शन के माध्यम से सीधे पानी उपलब्ध है।
महिलाओं को मिली बड़ी राहत
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ महिलाओं को मिला है। अब उन्हें पानी के लिए लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ता और न ही दूर तक जाना पड़ता है। गांव की ललिता दास के अनुसार, घर में नल से पानी मिलने से दैनिक जीवन आसान हुआ है और परिवार के स्वास्थ्य में भी सुधार आया है।
सामूहिक प्रयास से मिली सफलता
ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती सुभाषिणी साहू के नेतृत्व में पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के सहयोग से यह कार्य सफल हुआ। सामूहिक भागीदारी के कारण ही गांव को 13 सितंबर 2025 को “हर घर जल ग्राम” का दर्जा प्राप्त हुआ।
जीवन स्तर में आया सकारात्मक बदलाव
जल जीवन मिशन के प्रभाव से ग्राम लांती में न केवल पेयजल की समस्या दूर हुई है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। यह गांव अब ग्रामीण विकास और बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है।

