Water Conservation : मोर गांव–मोर पानी महाभियान : 15 दिनों में 31 हजार से अधिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं… जल संरक्षण में बना नया कीर्तिमान

Water Conservation : मोर गांव–मोर पानी महाभियान : 15 दिनों में 31 हजार से अधिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं… जल संरक्षण में बना नया कीर्तिमान

रायपुर, 02 अप्रैल। Water Conservation : छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार-भाटापारा जिले में जल संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देते हुए “मोर गांव, मोर पानी” महाभियान के अंतर्गत ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्मित घरों में मात्र 15 दिनों के भीतर 31,066 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण पूर्ण कर प्रशासन और ग्रामीणों ने मिलकर एक मिसाल कायम की है।

जनभागीदारी से बना जल संरक्षण का जन-आंदोलन

कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन और जिला पंचायत सीईओ दिव्या अग्रवाल के नेतृत्व में 13 मार्च 2026 से इस अभियान की शुरुआत की गई। अभियान को सफल बनाने के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना बनाई गई, जिसमें ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। ग्रामीणों द्वारा स्वेच्छा से श्रमदान कर इस पहल को जन-आंदोलन का रूप दिया गया। यह सामूहिक प्रयास दर्शाता है कि जब प्रशासन और आमजन एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो बड़े लक्ष्य भी आसानी से हासिल किए जा सकते हैं।

हर घर बना जल संरक्षण का केंद्र

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बने प्रत्येक घर का औसत क्षेत्रफल लगभग 300 वर्ग फीट है। इन घरों में निर्मित रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं वर्षा जल को संग्रहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।विशेषज्ञों के अनुसार, हर वर्ष बारिश के दौरान इन संरचनाओं के माध्यम से हजारों लीटर पानी का संचयन संभव होगा, जिससे भूजल स्तर में वृद्धि और जल संकट में कमी आएगी।

वर्तमान के साथ भविष्य की भी सुरक्षा

यह पहल केवल वर्तमान जल आवश्यकताओं को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक मजबूत कदम है। यह अभियान सतत जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है।

प्रशासन की अपील: हर घर जल संचय की ओर बढ़ें

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान से जुड़ें और अपने घरों व गांवों में अधिक से अधिक जल संरक्षण संरचनाएं बनाएं। “हर घर जल संचय” के लक्ष्य को साकार करने के लिए सामूहिक सहभागिता को आवश्यक बताया गया है।

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