रायपुर, 01 अप्रैल। Raigarh : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण और बिक्री के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए व्यापक अभियान चलाया है। सहायक आयुक्त आबकारी के मार्गदर्शन में बीते दो-तीन दिनों के भीतर 6 अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर 305.200 लीटर महुआ शराब और 1050 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया गया। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 1,13,540 रुपये बताई जा रही है, जो इस कार्रवाई की गंभीरता और पैमाने को दर्शाती है।
जिलेभर में दबिश, 5 आरोपी गिरफ्तार
अभियान के तहत आबकारी टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार दबिश देकर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। थाना पुसौर क्षेत्र के ग्राम लोहरसिंग से देवराज टंडन के पास से 6 लीटर तथा जकेला से शेख नसीरूद्दीन के कब्जे से 6 लीटर महुआ शराब बरामद की गई। कोतरारोड थाना क्षेत्र के ग्राम कुरमापाली में राजकुमार चौहान के पास से 12 लीटर शराब जब्त हुई। वहीं तमनार क्षेत्र के ग्राम लालपुर से अजय राठिया के पास से 15 लीटर और आमघाट से अमित एक्का के कब्जे से 9.200 लीटर शराब बरामद की गई।
गैर-जमानती धाराओं में कार्रवाई, आरोपियों को भेजा गया जेल
सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत गैर-जमानती अपराध दर्ज किए गए हैं। कार्रवाई के बाद सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ किसी भी तरह की ढील नहीं बरती जाएगी।
अवैध भट्ठियों पर भी कार्रवाई, नालों के किनारे चल रहा था कारोबार
आबकारी विभाग की टीम ने केवल गिरफ्तारी तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि अवैध शराब निर्माण के ठिकानों पर भी सख्त कार्रवाई की। चक्रधर नगर के भगोरा नाला और पुसौर के कसाईपाली नाला किनारे दबिश देकर बड़ी मात्रा में महुआ शराब और लाहन जब्त किया गया। इन स्थानों पर अवैध भट्ठियां संचालित हो रही थीं, जहां बड़े स्तर पर शराब तैयार की जा रही थी।
फरार आरोपियों की तलाश जारी, अभियान रहेगा लगातार
कुछ मामलों में आरोपी मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है। आबकारी विभाग ने साफ किया है कि अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। विभाग की यह सख्ती न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद करेगी, बल्कि समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सामाजिक सुरक्षा और जनस्वास्थ्य की दिशा में अहम कदम
अवैध शराब का कारोबार न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह जनस्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बनता है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और समाज में सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।

