KITG 2026 के बीच छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पर्यटन ने जीता खिलाड़ियों का दिल

KITG 2026 के बीच छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पर्यटन ने जीता खिलाड़ियों का दिल

रायपुर, 01 अप्रैल। KITG 2026 के रंग में सराबोर छत्तीसगढ़ इन दिनों न केवल खेलों के कारण, बल्कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता के कारण भी देशभर से आए खिलाड़ियों को आकर्षित कर रहा है। खेलों के इस महाकुंभ के बीच राज्य अपनी “अतिथि देवो भव” परंपरा को जीवंत रूप में प्रस्तुत कर रहा है।

सिरपुर की ऐतिहासिक धरोहर से हुए रूबरू

इसी क्रम में सिक्किम से आए फुटबॉल खिलाड़ियों के दल ने Sirpur का भ्रमण किया। यहां उन्होंने प्राचीन मंदिरों, बौद्ध अवशेषों और पुरातात्विक स्थलों का अवलोकन किया। सिरपुर की उत्कृष्ट स्थापत्य कला और ऐतिहासिक महत्व ने खिलाड़ियों को विशेष रूप से प्रभावित किया और उन्हें छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत से परिचित कराया।

बारनवापारा अभयारण्य में प्रकृति का सुकून

इसके बाद खिलाड़ियों ने Barnawapara Wildlife Sanctuary का दौरा किया, जहां घने जंगल, स्वच्छ वातावरण और वन्यजीवों की मौजूदगी ने उन्हें मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रकृति की गोद में बिताए गए इन पलों ने खिलाड़ियों को मानसिक शांति और ताजगी का अनुभव कराया।

पारंपरिक व्यंजनों और रोमांचक गतिविधियों का आनंद

दिनभर की यात्रा के दौरान खिलाड़ियों ने Hareli Eco Resort में छत्तीसगढ़ी पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया। साथ ही बैंबू राफ्टिंग और जंगल से जुड़ी अन्य एडवेंचर गतिविधियों में भाग लेकर अपने अनुभव को और भी यादगार बनाया।

मेहमाननवाजी ने जीता खिलाड़ियों का दिल

छत्तीसगढ़ की आत्मीयता और मेहमाननवाजी ने खिलाड़ियों को गहराई से प्रभावित किया। सभी खिलाड़ियों ने इस अनूठे अनुभव के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और इसे अपने जीवन के यादगार पलों में शामिल बताया।

खेल के साथ पर्यटन को भी मिल रही नई पहचान

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के माध्यम से छत्तीसगढ़ न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच दे रहा है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन स्थलों को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है। यह आयोजन राज्य की बहुआयामी पहचान को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम बन रहा है।

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