Eco Camp Chhindari की ‘बर्डवॉक’ पहल बनी आकर्षण का केंद्र…प्रकृति और पर्यटन को मिला नया आयाम

Eco Camp Chhindari की ‘बर्डवॉक’ पहल बनी आकर्षण का केंद्र…प्रकृति और पर्यटन को मिला नया आयाम

रायपुर, 31 मार्च। Eco Camp Chhindari में वन विभाग, खैरागढ़ द्वारा शुरू की गई ‘बर्डवॉक’ पहल तेजी से प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हो रही है। यह अनूठी पहल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रभावी माध्यम बन रही है।

हर वीकेंड ‘बर्डवॉक’, प्रकृति से जुड़ने का अनोखा अवसर

वर्ष 2026 से प्रारंभ इस कार्यक्रम के तहत प्रत्येक शनिवार और रविवार को विशेषज्ञों की निगरानी में पक्षी भ्रमण आयोजित किया जा रहा है। इसमें आम नागरिकों, विद्यार्थियों और पर्यटकों को भाग लेने का अवसर मिल रहा है। यह गतिविधि लोगों को प्रकृति के करीब लाने के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने का कार्य कर रही है।

जैव विविधता से भरपूर क्षेत्र, 35% पक्षी प्रजातियों का बसेरा

ईको कैंप छिंदारी जैव विविधता के लिहाज से बेहद समृद्ध क्षेत्र है, जहां छत्तीसगढ़ में पाई जाने वाली लगभग 35 प्रतिशत पक्षी प्रजातियां देखी जा सकती हैं। रंग-बिरंगे और दुर्लभ पक्षियों को नजदीक से देखने का अनुभव पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रहा है।

विद्यार्थियों और पर्यटकों की बढ़ती भागीदारी

हाल ही में आयोजित बर्डवॉक कार्यक्रमों में खैरागढ़ के संगीत एवं कला के छात्र-छात्राओं सहित दुर्ग, रायपुर और राजनांदगांव से आए पर्यटकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों को पक्षियों के व्यवहार, घोंसला निर्माण और उनके प्राकृतिक आवास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं।

मनोरंजन के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश

यह पहल केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनने की सीख भी देती है। भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों को शांत रहने, प्लास्टिक का उपयोग न करने और वन्यजीवों के आवास का सम्मान करने जैसे नियमों का पालन कराया जाता है।

बर्डवॉक के साथ रोमांचक गतिविधियां और स्थानीय स्वाद

ईको कैंप में बर्डवॉक के अलावा बोटिंग, टेंटिंग और कैंपिंग जैसी गतिविधियों की भी सुविधा उपलब्ध है। साथ ही पर्यटक छत्तीसगढ़ी पारंपरिक व्यंजन जैसे फरा, ठेठरी और खुरमी का आनंद भी ले सकते हैं, जो इस अनुभव को और खास बनाता है।

पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए वयस्कों से 200 रुपये और विद्यार्थियों से 50 रुपये का सहयोग शुल्क निर्धारित किया गया है। इस ईको कैंप का संचालन स्थानीय समुदाय द्वारा किया जा रहा है, जिसे वन विभाग का सहयोग प्राप्त है—इससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिल रहा है। वन विभाग ने इच्छुक लोगों से बर्डवॉक में शामिल होने के लिए अग्रिम पंजीकरण कराने की अपील की है, ताकि सभी प्रतिभागियों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण अनुभव मिल सके। यह पहल इको-टूरिज्म और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

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