PLFS Workshop : आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय द्वारा पीएलएफएस सर्वेक्षण हेतु आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन

PLFS Workshop : आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय द्वारा पीएलएफएस सर्वेक्षण हेतु आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन

रायपुर, 29 मार्च। PLFS Workshop : छत्तीसगढ़ के आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय द्वारा पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया, जिसमें सर्वेक्षण से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को आधुनिक तकनीकों के उपयोग के साथ विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया, ताकि राज्य में रोजगार और बेरोजगारी से संबंधित आंकड़ों का सटीक आकलन किया जा सके।

पहली बार सीएपीआई प्रणाली के माध्यम से सर्वेक्षण, डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता में होगा महत्वपूर्ण सुधार

कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी दी गई कि छत्तीसगढ़ में पहली बार इस सर्वेक्षण को सीएपीआई अर्थात कंप्यूटर आधारित व्यक्तिगत साक्षात्कार प्रणाली के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। इस आधुनिक तकनीक के उपयोग से डेटा संकलन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित होगी, जिससे राज्य में रोजगार एवं बेरोजगारी की वास्तविक स्थिति का बेहतर विश्लेषण संभव हो सकेगा और नीतिगत निर्णयों के निर्माण में सटीक आंकड़ों का उपयोग किया जा सकेगा।

विशेषज्ञों द्वारा दिया गया तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण, फील्ड स्तर की चुनौतियों के समाधान पर विशेष जोर

कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में जोनल कार्यालय नागपुर के सांख्यिकी सेवा अधिकारी राकेश चौरें उपस्थित रहे, जबकि रायपुर फील्ड ऑपरेशन डिवीजन के सांख्यिकी सेवा अधिकारी जीतू राय ने रिसोर्स पर्सन के रूप में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान सर्वेक्षण प्रक्रिया, प्रश्नावली की विस्तृत समझ, डेटा एंट्री की विधि और फील्ड स्तर पर आने वाली चुनौतियों के समाधान पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया, जिससे अन्वेषकों को कार्य के प्रति अधिक दक्ष बनाया जा सके।

सर्वेक्षण की गुणवत्ता सुधार और जिम्मेदारीपूर्ण कार्य के लिए प्रतिभागियों को किया गया प्रेरित

संयुक्त संचालक सुरेश कुमार बंजारे ने अपने संबोधन में इस सर्वेक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह देश में रोजगार एवं बेरोजगारी की वास्तविक स्थिति को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि वे पूरी ईमानदारी, प्रतिबद्धता और जिम्मेदारी के साथ अपने कार्य का निर्वहन करें, ताकि सर्वेक्षण के परिणाम विश्वसनीय और उपयोगी बन सकें।

कार्यक्रम का सफल समापन और विभागीय समन्वय से मजबूत होगी सर्वेक्षण प्रक्रिया

कार्यक्रम का समापन उप संचालक दिनेश कुमार तिवारी द्वारा किया गया। इस कार्यशाला में विभागीय अधिकारी, अन्वेषक और संबंधित कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम से न केवल सर्वेक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि राज्य में रोजगार संबंधी नीतियों के निर्माण के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार होगा।

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