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Naxal Affected : नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास पर बड़ा मंथन…! LWE जिलों में आय बढ़ाने पर फोकस…छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा प्लान

Naxal-Affected Areas: Major Deliberations on Development! Focus on Boosting Incomes in LWE Districts—A Major Plan by the Chhattisgarh Government.

Naxal Affected

रायपुर, 28 मार्च। Naxal Affected : राज्य में नक्सल प्रभावित और नक्सलमुक्त क्षेत्रों के समग्र विकास को गति देने के उद्देश्य से मुख्य सचिव विकास शील की अध्यक्षता में आज राज्यस्तरीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का मुख्य फोकस इन क्षेत्रों में स्थायी और समावेशी विकास सुनिश्चित करते हुए आजीविका के अवसरों का विस्तार करना रहा।

कार्यशाला में विष्णुदेव साय की मंशानुसार सभी विभागों को समन्वित दृष्टिकोण के साथ आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि जैसे-जैसे राज्य नक्सलवाद से मुक्त हो रहा है, वैसे-वैसे इन क्षेत्रों में विकास की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

LWE जिलों में आय बढ़ाने पर फोकस

इस दौरान जानकारी दी गई कि वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित 8 जिलों में परिवारों की आय बढ़ाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है। वर्तमान में एनसीएईआर के सर्वे के अनुसार 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है, जिसे अगले ढाई से तीन वर्षों में बढ़ाकर न्यूनतम 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यशाला में क्लस्टर आधारित और ब्लॉक केंद्रित आजीविका मॉडल पर विशेष चर्चा हुई। इस मॉडल के तहत कृषि, पशुपालन, वनोपज, मत्स्य पालन, हस्तशिल्प और सूक्ष्म उद्यमों को जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। उत्पादन से लेकर विपणन तक पूरी वैल्यू चेन को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया, ताकि ग्रामीणों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिल सके।

ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया फाउंडेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर अनीश कुमार ने इस संबंध में समन्वित नीति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, कलेक्टरों, जिला पंचायत सीईओ और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

प्रमुख सचिव निहारिका बारीक ने बताया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए विविधीकरण, सामूहिकीकरण, तकनीक के उपयोग और संतृप्ति के चार स्तंभों पर काम किया जाएगा। हर परिवार को कम से कम तीन आजीविका गतिविधियों से जोड़ने और प्रत्येक जिले में चार प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस करने की योजना है।

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा प्लान

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अगले 60 दिनों में प्रत्येक विकासखंड में संभावित आजीविका क्लस्टरों की पहचान कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। ‘ट्राइपॉड मॉडल’ के तहत परिवार, क्षेत्र और गतिविधियों को जोड़ते हुए समेकित विकास की दिशा में काम किया जाएगा। यह पहल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक बदलाव का मजबूत आधार बनेगी और ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाकर मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास निहारिका बारीक, प्रमुख सचिव कृषि सहला निगार, प्रमुख सचिव सोनमणि वोरा, सचिव भीम सिंह सहित संबंधित जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, गृह एवं जेल विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, ग्रामोद्योग विभाग तथा ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया फाउंडेशन के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया फाउंडेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर अनीश कुमार द्वारा इन क्षेत्रों के लिए तैयार समन्वित नीति पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई।

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