कोरबा, 26 मार्च। Suspension Drama : छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। कोरबा जिले के विद्युत वितरण विभाग में दो अफसरों के निलंबन और फिर एक की अचानक बहाली ने पूरे विभाग में हलचल मचा दी है।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि कंपनी के एमडी भीम सिंह ने 10 मार्च को कोरबा दौरे के दौरान देवपहारी क्षेत्र में बिजली समस्या दूर करने के लिए 11 केवी लाइन का प्रस्ताव जल्द भेजने के निर्देश दिए थे। लेकिन प्रस्ताव में देरी होने पर नाराज एमडी ने, अधीक्षण अभियंता (SE) बी. के. सरकार, कार्यपालन अभियंता (EE) अंशु वार्ष्णेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
अगले ही दिन पलटा फैसला
घटनाक्रम में बड़ा मोड़ तब आया जब कंपनी के चेयरमैन Rohit Yadav ने अगले ही दिन एसई बी. के. सरकार का निलंबन रद्द कर बहाल कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, सेवानिवृत्ति के करीब पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी द्वारा अपना पक्ष रखने के बाद यह फैसला लिया गया। जानकारी यह भी है कि बी. के. सरकार की पुनः पदस्थापना रायपुर के ईडी (O&M) में की जा रही है।
एमडी का जवाब
कोरबा दौरे पर पहुंचे एमडी Bhim Singh ने कहा कि लापरवाही के चलते कार्रवाई की गई थी। वहीं, बहाली के सवाल पर उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट में स्थिति स्पष्ट होगी, लेकिन सीधे जवाब देने से बचते नजर आए।
विभाग में उठे सवाल
क्या निलंबन जल्दबाजी में किया गया था? या फिर बहाली किसी दबाव में हुई? क्या विभाग में निर्णय प्रक्रिया पारदर्शी है? इस पूरे घटनाक्रम से विद्युत कंपनी प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं और विभाग में इसे लेकर जमकर चर्चा हो रही है।

