Forest Demarcation को मिला मजबूती का आधार…संवेदनशील और प्रमुख वन क्षेत्रों में टिकाऊ मुनारों का व्यापक निर्माण कार्य

Forest Demarcation को मिला मजबूती का आधार…संवेदनशील और प्रमुख वन क्षेत्रों में टिकाऊ मुनारों का व्यापक निर्माण कार्य

रायपुर, 25 मार्च। Forest Demarcation छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के कवर्धा परियोजना मंडल द्वारा वनों की सुरक्षा और सीमांकन को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया गया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कैम्पा मद के अंतर्गत विभिन्न वन परिक्षेत्रों में 227 नए मुनारों का निर्माण पूर्ण किया गया।

संवेदनशील वन क्षेत्रों में हुआ निर्माण

इस परियोजना के तहत अधिकांश संवेदनशील और महत्वपूर्ण वन क्षेत्रों में मजबूत और टिकाऊ मुनारों का निर्माण किया गया है। उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री से बने ये मुनारे लंबे समय तक वन सीमाओं को स्पष्ट बनाए रखेंगे और निगरानी कार्य को आसान करेंगे।

निगरानी और सुरक्षा में आएगी तेजी

स्पष्ट सीमांकन होने से अब वन रक्षकों और गश्ती दल को वन क्षेत्रों की निगरानी में सुविधा मिलेगी। इससे वनों की सुरक्षा अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण मजबूत होगा।

अवैध अतिक्रमण पर लगेगी रोक

पहले सीमाएं स्पष्ट न होने के कारण वन विभाग और ग्रामीणों के बीच विवाद की स्थिति बनती थी। अब मुनारों के निर्माण से वन भूमि की सही पहचान संभव होगी, जिससे अवैध कब्जों और वन संपदा की चोरी पर प्रभावी रोक लगेगी।

कानूनी प्रक्रिया में मिलेगी सहायता

ये मुनारे भविष्य में किसी भी विवाद की स्थिति में सशक्त कानूनी साक्ष्य के रूप में उपयोगी साबित होंगे। इससे बेदखली और अन्य कानूनी कार्रवाइयों में पारदर्शिता और तेजी आएगी।

वन संरक्षण को मिलेगा नया बल

यह पहल केवल सीमांकन तक सीमित नहीं है, बल्कि वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन और जैव विविधता संरक्षण में भी सहायक होगी। इससे वन संपदा की सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को नई दिशा मिलेगी। कवर्धा परियोजना मंडल का यह प्रयास दर्शाता है कि राज्य सरकार वन संरक्षण और प्रबंधन को लेकर गंभीर है। यह पहल आने वाले समय में वनों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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