कोरबा, 25 मार्च। Action : कोरबा में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण विभाग की सख्त कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। एमडी के निर्देशों की अनदेखी करना दो इंजीनियरों को भारी पड़ गया, जिसके चलते अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
एमडी के आदेश की अनदेखी पड़ी भारी
विभागीय जानकारी के अनुसार Bhim Singh 10 मार्च को कोरबा प्रवास पर थे। इस दौरान वे दूधीटांगर में भूमिपूजन कार्यक्रम के बाद Devpahari village पहुंचे, जहां ग्रामीणों और आदिवासी छात्रों ने लो वोल्टेज और बार-बार बिजली कटौती की गंभीर समस्या बताई। एमडी ने मौके पर ही 11 केवी लाइन विस्तार के निर्देश देते हुए तत्काल प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेजने को कहा था।
फाइल अटकी, कार्रवाई हुई
बताया जा रहा है कि कार्यपालन अभियंता Anshu Varshney ने प्रस्ताव तैयार कर अधीक्षण अभियंता बी.के. सरकार को सौंप दिया था, लेकिन फाइल को समय पर आगे नहीं बढ़ाया गया। करीब एक सप्ताह तक प्रस्ताव मुख्यालय नहीं पहुंच सका। जब एमडी ने प्रगति की समीक्षा की, तो लापरवाही उजागर हो गई।
तत्काल निलंबन का आदेश
जनहित के मुद्दे पर इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए एमडी ने कड़ी नाराजगी जताई और दोनों अधिकारियों को सस्पेंड करने का निर्णय लिया। मुख्य अभियंता के आदेश पर तत्काल प्रभाव से निलंबन लागू कर दिया गया। कार्रवाई के साथ ही विभाग ने Devpahari village तक 11 केवी लाइन जल्द बिछाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
इस कार्रवाई के बाद पूरे विद्युत वितरण विभाग में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि अब टालमटोल करने वाले अधिकारियों में भी जवाबदेही को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।

