रायपुर, 24 मार्च। Mohrenga Nature Safari : प्रकृति के संरक्षण और स्थानीय समुदायों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से मोहरेंगा स्थित नेचर सफारी में नई ईको पर्यटन सुविधाओं का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर विधायक किरण सिंहदेव, अनुज शर्मा तथा वरिष्ठ वन अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रकृति और पर्यटन के बीच संतुलन पर जोर
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य का लक्ष्य केवल पर्यटन बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रकृति और मानव के बीच संतुलन स्थापित करना है। ईको पर्यटन से पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी।
500 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली सफारी
यह सफारी रायपुर से लगभग 45 किलोमीटर दूर तिल्दा-खरोरा मार्ग पर स्थित है और करीब 500 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है। यहां का प्राकृतिक वातावरण पर्यटकों को प्रकृति के करीब आने का अवसर देता है।
वन्यजीवों और पक्षियों का आकर्षण
सफारी में आने वाले पर्यटक 10 किलोमीटर लंबी भ्रमण यात्रा के दौरान चीतल, जंगली सूअर, खरगोश और अजगर जैसे वन्यजीवों को देख सकते हैं। साथ ही नीलकंठ, कोयल और गरुड़ जैसे पक्षियों की उपस्थिति इसे और भी आकर्षक बनाती है।
पर्यटकों के लिए विकसित सुविधाएं
पर्यटकों की सुविधा के लिए यहां वॉच टॉवर, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र और सुंदर उद्यान विकसित किए गए हैं। रात्रि विश्राम के लिए सुसज्जित आवासीय कुटीर भी बनाए गए हैं।
महिला समूह को मिला रोजगार का अवसर
यहां के भोजनालय का संचालन ‘जय माँ अंबे महिला स्व-सहायता समूह’ द्वारा किया जा रहा है, जिससे स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिल रहा है और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है। सफारी क्षेत्र में वन्यजीवों के लिए जलस्रोत, घास के मैदान और सुरक्षा व्यवस्था विकसित की गई है। सौर ऊर्जा आधारित पंपों से पानी की व्यवस्था की गई है और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा घेराबंदी की गई है। मोहरेंगा नेचर सफारी पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय रोजगार और पर्यटन विकास का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभर रही है, जो भविष्य में रायपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकती है।

