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Lakhpati Didi Campaign : जशपुर में महिलाओं की आत्मनिर्भरता की नई पहचान…लक्ष्य की ओर निरंतर प्रगति

Lakhpati Didi Campaign: A New Symbol of Women's Self-Reliance in Jashpur... Continuous Progress Towards the Goal

Lakhpati Didi Campaign

रायपुर, 24 मार्च। Lakhpati Didi Campaign : छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित लखपति दीदी अभियान ने जशपुर जिले में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। यहां 18 हजार से अधिक महिलाएं अपनी मेहनत और लगन से लखपति बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं।

विविध आजीविका गतिविधियों से बढ़ी आय

जशपुर की महिलाएं अब केवल पारंपरिक कार्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खेती, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों के माध्यम से अपनी आय में निरंतर वृद्धि कर रही हैं। उनके इन प्रयासों से न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि गांव की समग्र अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिली है।

स्व-सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका

जिले में हजारों स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे बड़ी संख्या में महिलाएं जुड़ी हुई हैं। ये समूह महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सामूहिक प्रयासों के माध्यम से महिलाएं बचत, ऋण और निवेश की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

निर्धारित लक्ष्य की ओर बढ़ते कदम

राज्य सरकार द्वारा आगामी वर्षों में बड़ी संख्या में महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है और अब तक हजारों महिलाएं इस लक्ष्य को प्राप्त कर चुकी हैं। शेष महिलाओं को भी इस श्रेणी में लाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रयास जारी हैं।

आजीविका योजनाओं से मिल रहा सहयोग

महिलाओं को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। उन्हें ऋण, वित्तीय सहयोग और सामुदायिक निवेश की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे अपने छोटे-छोटे व्यवसाय स्थापित कर सकें और उन्हें आगे बढ़ा सकें। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है।

प्रशिक्षण और मार्गदर्शन से सशक्तिकरण

महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे नए कौशल सीखकर अपनी आय बढ़ा सकें। उनके कार्यों की नियमित निगरानी भी की जा रही है, ताकि उन्हें सही दिशा और मार्गदर्शन मिल सके। डेयरी, बकरी पालन, मुर्गी पालन और खाद्य प्रसंस्करण जैसे कार्यों में महिलाएं विशेष रुचि दिखा रही हैं। जिले में आयोजित होने वाले कृषि संबंधी आयोजनों के माध्यम से महिलाओं को नई तकनीकों और नवाचारों से जोड़ा जा रहा है। इससे उन्हें अपने कार्यों को और बेहतर बनाने का अवसर मिल रहा है और उनकी आय में भी वृद्धि हो रही है।

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