Site icon AB News.Press

Gyan Bharatam : ज्ञान भारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण की शुरुआत…पांडुलिपियों की पहचान और संरक्षण का उद्देश्य

Gyan Bharatam: Launch of the National Manuscript Survey—Aims to Identify and Preserve Manuscripts

Gyan Bharatam

रायपुर, 24 मार्च। Gyan Bharatam : भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा ज्ञान भारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण के अंतर्गत देशभर में पांडुलिपियों के सर्वेक्षण का अभियान संचालित किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण पहल को छत्तीसगढ़ में भी प्रभावी रूप से लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिसमें जन-जागरूकता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य देशभर में बिखरी हुई प्राचीन और दुर्लभ पांडुलिपियों की पहचान करना, उनका दस्तावेजीकरण करना और उनके संरक्षण को सुनिश्चित करना है। कई पांडुलिपियां वर्तमान में परिवारों, मंदिरों, मठों और निजी संग्रहों में सुरक्षित हैं, जिन्हें अब तक औपचारिक रूप से दर्ज नहीं किया गया है।

छिपी ज्ञान-संपदा को मिलेगा राष्ट्रीय मंच

यह अभियान उन अमूल्य ज्ञान-संपदाओं को सामने लाने का प्रयास है, जो अब तक सीमित दायरे में ही संरक्षित रही हैं। सर्वेक्षण के बाद इन पांडुलिपियों का संरक्षण और डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जबकि उनका स्वामित्व संबंधित परिवार या संस्था के पास ही रहेगा।

समाज के सभी वर्गों की भागीदारी

इस अभियान में पांडुलिपि रखने वाले परिवारों, धार्मिक संस्थानों, पुस्तकालयों, शैक्षणिक संस्थाओं, विद्वानों और शोधकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही जागरूक नागरिक और अधिकृत सर्वेक्षक भी इस कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

डिजिटल माध्यम से जुड़ने की सुविधा

इस राष्ट्रीय अभियान से जुड़ने के लिए डिजिटल माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं, जिनके माध्यम से कोई भी व्यक्ति या संस्था अपनी पांडुलिपियों की जानकारी दर्ज कर सकती है। इससे अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो रही है।

सांस्कृतिक और वैज्ञानिक विरासत का संरक्षण

भारत की पांडुलिपियां केवल ऐतिहासिक दस्तावेज नहीं हैं, बल्कि वे देश की सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और दार्शनिक परंपराओं की जीवंत धरोहर हैं। इनमें आयुर्वेद, साहित्य, गणित, खगोल विज्ञान और जीवन दर्शन से जुड़ा महत्वपूर्ण ज्ञान सुरक्षित है।

नागरिकों से सहभागिता की अपील

राज्य के नागरिकों से अपील की गई है कि यदि उनके पास ऐसी पांडुलिपियां हैं या उन्हें किसी स्थान पर इनके होने की जानकारी है, तो वे इस सर्वेक्षण से जुड़कर योगदान दें। यह अभियान हमारी सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

Exit mobile version