रायपुर, 23 मार्च। CG Central Jail’s : छत्तीसगढ़ की सभी जेलों में नवरात्रि पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। इस दौरान बंदियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि वे अपनी धार्मिक आस्था के अनुसार उपवास और पूजा-अर्चना कर सकें।
हजारों बंदी रख रहे व्रत
प्रदेश की जेलों में कुल 2397 बंदी नवरात्रि का व्रत रख रहे हैं, जिनमें 2125 पुरुष और 272 महिला बंदी शामिल हैं। यह संख्या जेलों में बढ़ती आध्यात्मिक जागरूकता को दर्शाती है।
संभागवार आंकड़े
- रायपुर संभाग: 1140 बंदी
- दुर्ग संभाग: 243 बंदी
- बिलासपुर संभाग: 407 बंदी
- सरगुजा संभाग: 361 बंदी
- बस्तर संभाग: 246 बंदी
बंदियों के लिए विशेष सुविधाएं
नवरात्रि के दौरान जेल प्रशासन द्वारा बंदियों को फलाहार, स्वच्छ पेयजल और पूजा सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही निर्धारित समय पर आरती और पूजा की भी व्यवस्था की गई है।
सकारात्मक माहौल बनाने की पहल
जेलों में धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से बंदियों के मनोबल को बढ़ाने और उनमें सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। यह पहल उनके मानसिक और आध्यात्मिक पुनर्वास में मददगार साबित हो रही है।
‘सजा घर’ से ‘सुधार गृह’ की ओर
उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने हाल ही में कहा था कि राज्य की जेलों को अब सजा देने के स्थान के बजाय सुधार और पुनर्वास केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत बंदियों को विभिन्न कौशल सिखाकर आत्मनिर्भर बनाने और समाज से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।
आस्था के साथ सुधार की राह
जेलों में नवरात्रि का आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का सम्मान है, बल्कि बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

