रायपुर, 21 मार्च। CG Tourism छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से 13 से 18 मार्च तक आयोजित 6 दिवसीय विशेष फेम (FAM) ट्रिप सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। इस पहल का उद्देश्य राज्य के पर्यटन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना और प्राकृतिक व सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना था।
देशभर से पहुंचे टूर ऑपरेटर्स और एजेंट्स
इस फेम ट्रिप में दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, ओडिशा, चेन्नई, बेंगलुरु और अंडमान-निकोबार सहित विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 30 टूर ऑपरेटर और ट्रैवल एजेंट्स शामिल हुए।
प्रतिभागियों को दो समूहों में बांटकर उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया गया।
उत्तर छत्तीसगढ़: प्रकृति और इको-टूरिज्म का केंद्र
उत्तर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर, मैनपाट, रामगढ़ और जशपुर जैसे क्षेत्रों में प्रतिभागियों ने प्राकृतिक सौंदर्य और इको-टूरिज्म की अपार संभावनाओं का अनुभव किया।
इन क्षेत्रों में ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे मॉडल को विशेष रूप से सराहा गया।
दक्षिण छत्तीसगढ़: संस्कृति, इतिहास और प्राकृतिक वैभव
दक्षिण छत्तीसगढ़ के कांगेर घाटी, कोंडागांव, जगदलपुर, चित्रकोट, दंतेवाड़ा, बारसूर और धुडमारास जैसे स्थलों ने बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और प्राकृतिक सौंदर्य की झलक प्रस्तुत की।
चित्रकोट जलप्रपात बना आकर्षण का केंद्र
विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात ने प्रतिभागियों को सबसे अधिक आकर्षित किया।
यहां उन्होंने बोटिंग का आनंद लिया और प्राकृतिक सौंदर्य का करीब से अनुभव किया। साथ ही प्राचीन शिव मंदिर में दर्शन कर आध्यात्मिक अनुभव भी प्राप्त किया।
जनजातीय जीवनशैली और स्थानीय बाजारों से परिचय
फेम ट्रिप के दौरान प्रतिभागियों ने स्थानीय हाट-बाजारों का भ्रमण किया, जहां उन्होंने जनजातीय जीवनशैली, पारंपरिक आयोजनों और सांस्कृतिक विविधता को करीब से समझा।
यह अनुभव छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान को दर्शाता है।
ऐतिहासिक नगरी बारसूर में स्थित बत्तीसा मंदिर और प्राचीन गणेश प्रतिमाओं का अवलोकन कर प्रतिभागियों ने राज्य की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को महसूस किया। प्रतिनिधिमंडल ने बस्तर संभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर पर्यटन विकास, सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ली। इससे राज्य में सुरक्षित और अनुकूल पर्यटन वातावरण को लेकर विश्वास और मजबूत हुआ।
मैनपाट और जशपुर में इको-टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे मॉडल की संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। कुनकुरी का गिरजाघर, राजपुरी जलप्रपात और केरे विलेज के महुआ होमस्टे जैसे स्थलों ने पर्यटन के नए आयामों को उजागर किया। इस फेम ट्रिप का सबसे बड़ा प्रभाव यह है कि इसमें शामिल टूर ऑपरेटर्स अब अपने-अपने राज्यों में छत्तीसगढ़ का प्रचार करेंगे।
इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन, गाइड सेवा, हस्तशिल्प और बाजारों को सीधा लाभ मिलेगा।
इस प्रकार के आयोजन राज्य की सकारात्मक छवि को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करते हैं। इसके साथ ही निजी निवेश को बढ़ावा मिलता है और पर्यटन अधोसंरचना के विकास को गति मिलती है। समापन समारोह में पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने ट्रैवल पार्टनर्स से छत्तीसगढ़ को देशभर में बढ़ावा देने का आह्वान किया। प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने प्रतिभागियों से अपने अनुभव साझा कर अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने में सहयोग करने की अपील की। प्रतिभागियों ने छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और आत्मीय आतिथ्य की सराहना करते हुए इसे “हिडन जेम” बताया। उन्होंने भविष्य में यहां अधिक पर्यटकों को लाने का भरोसा भी जताया।

