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Assembly Session : विधानसभा में पेंशन पर बहस…! मंत्री ने दी जानकारी- कर्मचारियों का OPS पर भरोसा

Assembly Session: Debate on Pensions in the Assembly...! Minister Provides Details: Employees Place Their Trust in OPS.

Assembly Session

रायपुर, 20 मार्च। Assembly Session : रायपुर विधानसभा के प्रश्नकाल में अधिकारी-कर्मचारियों की पेंशन को लेकर बहस तेज हो गई है। विधायक पुन्नूलाल मोहले ने नई पेंशन योजना (NPS) से पुरानी पेंशन योजना (OPS) में बदलाव को लेकर सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी।

2.91 लाख कर्मचारियों ने अपनाया OPS

प्रश्न के जवाब में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि प्रदेश में कुल 2,91,797 अधिकारी-कर्मचारियों ने NPS छोड़कर OPS को अपनाया है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था पर भरोसा जताया है।

नियमों के तहत संचालित हो रही OPS

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि पुरानी पेंशन योजना का संचालन छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 के तहत किया जा रहा है। वर्ष 2004 से पहले और बाद में नियुक्त कर्मचारियों के लिए भी निर्धारित नियमों के अनुसार ही पेंशन लागू की जा रही है।

पेंशन फंड की स्थिति

सरकार ने पेंशन निधि को लेकर भी जानकारी दी। 15 फरवरी 2026 तक ₹1,068 करोड़ जमा। कुल निधि बढ़कर ₹1120.53 करोड़। यह राशि भविष्य में पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए रखी गई है।

OPS पर बढ़ता भरोसा, सरकार पर बढ़ेगा दबाव?

सदन में सामने आए आंकड़ों से साफ है कि कर्मचारी OPS को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद मान रहे हैं, क्योंकि इसमें निश्चित पेंशन की गारंटी होती है। वहीं NPS बाजार आधारित योजना है, जिसमें रिटर्न अनिश्चित रहता है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों के OPS में आने से राज्य पर भविष्य में वित्तीय भार बढ़ सकता है।

चर्चा का केंद्र बना मुद्दा

पेंशन से जुड़ा यह विषय न सिर्फ कर्मचारियों के हित से जुड़ा है, बल्कि राज्य की आर्थिक व्यवस्था पर भी इसका सीधा असर डालता है। यही वजह है कि यह मुद्दा विधानसभा में चर्चा का केंद्र बना रहा।
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