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Eco Tourism : बलौदाबाजार का धमनी गांव बनेगा ईको-टूरिज्म हब…महानदी में शुरू हुई बोटिंग सुविधा

Eco-Tourism: Balodabazar's Dhamni Village Set to Become an Eco-Tourism Hub... Boating Facilities Launched in the Mahanadi River.

Eco-Tourism

रायपुर, 19 मार्च। Eco Tourism : ईको-टूरिज्म यानी प्रकृति के करीब रहकर, पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना और स्थानीय संस्कृति व वन्यजीवों का सम्मान करते हुए की जाने वाली यात्रा। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ का बलौदाबाजार वनमण्डल तेजी से आगे बढ़ रहा है।

धमनी गांव बन रहा नया पर्यटन केंद्र

महानदी के तट पर स्थित ग्राम धमनी को ईको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के सहयोग से यहां ईको-विलेज के रूप में विकास कार्य जारी हैं।

पर्यटकों के लिए शुरू हुई बोटिंग

पर्यटकों के आकर्षण को बढ़ाने के लिए यहां नौकाविहार (बोटिंग) सुविधा शुरू कर दी गई है। अब पर्यटक प्राकृतिक वातावरण के बीच महानदी में बोटिंग का आनंद ले सकेंगे।

स्थानीय लोगों को मिल रहा रोजगार

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है। गांव के युवाओं और महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।

ठहरने की व्यवस्था भी होगी विकसित

पर्यटकों की सुविधा के लिए यहां ठहरने की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है, ताकि लोग प्रकृति के करीब रहकर शांत वातावरण का अनुभव कर सकें।

जनभागीदारी से हो रहा विकास

वनमण्डलाधिकारी धम्मशील गणवीर ने बताया कि यह पहल जनसहभागिता से संचालित हो रही है, जो वन संरक्षण और ग्रामीण विकास का बेहतरीन उदाहरण है। वन विभाग का लक्ष्य है कि आने वाले समय में धमनी गांव को प्रदेश के प्रमुख ईको-टूरिज्म स्थलों में शामिल किया जाए, जिससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई पहचान मिल सके।

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