धर्म डेस्क, 19 मार्च। Chaitra Navratri : आज से पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति का पर्व चैत्र नवरात्र शुरू हो गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से प्रारंभ होता है। नौ दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में देवी शक्ति की उपासना, साधना और आराधना का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इन दिनों में की गई पूजा से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
इस बार नवरात्र पूरे नौ दिनों का होगा। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, माता का आगमन पालकी पर हो रहा है, जिसे शुभ संकेत माना जाता है, वहीं विदाई हाथी पर होगी, जो समृद्धि और सुख-शांति का प्रतीक है।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना का विशेष महत्व होता है। पहला मुहूर्त: सुबह 6:55 बजे से 7:52 बजे तक दूसरा मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक। इन शुभ समयों में कलश स्थापना करना अत्यंत फलदायी माना गया है।
बन रहे हैं शुभ योग
इस बार नवरात्र की शुरुआत कई शुभ संयोगों में हो रही है, खरमास, पंचक और सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो पूजा-पाठ और साधना के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
घटस्थापना की विधि
नवरात्र के पहले दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और घर के मंदिर की साफ-सफाई करें। चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माता की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। तांबे/पीतल/मिट्टी के कलश में जल, अक्षत और सिक्का डालें। आम के पत्ते लगाकर ऊपर नारियल स्थापित करें। परंपरा अनुसार जौ बोना भी शुभ माना जाता है।
पूजा विधि
घी का दीपक जलाएं। मां दुर्गा को फूल, अक्षत और तिलक अर्पित करें। दुर्गा चालीसा और आरती करें। संभव हो तो दुर्गा सप्तशती का पाठ भी करें।
क्या लगाएं भोग
मां दुर्गा को फल, खीर, पेठा या सात्विक भोजन का भोग लगाएं। श्रद्धा और भक्ति से की गई पूजा से मां प्रसन्न होती हैं।
चैत्र नवरात्र के 9 दिनों में अलग-अलग रंग पहनने की परंपरा शुभ मानी जाती है। हर रंग देवी के एक स्वरूप और विशेष ऊर्जा का प्रतीक होता है।
नवरात्रि के 9 दिन और 9 रंग
पहला दिन
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इस दिन पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। पीला रंग खुशहाली, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक होता है।
दूसरा दिन
दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है। इस दिन हरे रंग के कपड़े पहनना अच्छा माना जाता है। हरा रंग शांति, विकास और समृद्धि का प्रतीक है।
तीसरा दिन
तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है। इस दिन ग्रे रंग पहनना शुभ माना जाता है। यह रंग संतुलन और स्थिरता को दर्शाता है।
चौथा दिन
नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा की जाती है। इस दिन नारंगी रंग पहनना शुभ माना जाता है। यह रंग ऊर्जा, उत्साह और शक्ति का प्रतीक है।
पांचवां दिन
पांचवें दिन मां स्कंदमाता की आराधना की जाती है। इस दिन सफेद रंग के कपड़े पहनना शुभ होता है, जो पवित्रता और शांति का संकेत देता है।
छठा दिन
छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। इस दिन लाल रंग पहनना शुभ माना जाता है। लाल रंग साहस और शक्ति का प्रतीक है।
सातवां दिन
सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। इस दिन नीले रंग के कपड़े पहनना शुभ होता है, जो आत्मविश्वास और ताकत को दर्शाता है।
आठवां दिन
आठवें दिन मां महागौरी की पूजा होती है। इस दिन गुलाबी रंग पहनना शुभ माना जाता है। यह रंग प्रेम और करुणा का प्रतीक है।
नौवां दिन
नवरात्रि के आखिरी दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इस दिन बैंगनी रंग पहनना शुभ माना जाता है, जो आध्यात्मिकता और समृद्धि का प्रतीक है।