मुंबई, 17 मार्च। Road Accident : अहमदाबाद-मुंबई नेशनल हाइवे पर दर्दनाक हादसा हुआ है। सड़क दुर्घटना में साथियों के साथ पैदल तीर्थयात्रा पर निकले 21 वर्षीय जैन भिक्षु की मृत्यु हो गई। यह दुर्घटना भालीवली गांव के पास हुई, जब तेज रफ्तार कार के चालक ने पीछे से आ रहे ट्रक की टक्कर के बाद वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। कार से भिक्षु को टक्कर लगी और उनकी मृत्यु हो गई। दिवंगत जैन भिक्षु की पहचान नम्ररत्न विजय महाराज के रूप में हुई है, जो मूल रूप से गुजरात के निवासी थे। पूरा जैन समुदाय उनके निधन पर शोक मना रहा है।
भिक्षु के गंभीर चोटें आईं
बताया जा रहा है कि एक तेज रफ्तार कार को पीछे से आ रहे ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कार चालक नियंत्रण खो बैठा और बेकाबू कार ने सड़क किनारे पैदल चल रहे जैन मुनि को अपनी चपेट में ले लिया। इस गंभीर दुर्घटना में नम्ररत्न विजय महाराज की मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है।
ड्राइवर पर लापरवाही से गाड़ी चलाने का केस
मांडवी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक रणजीत अंधाले ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का पंचनामा तैयार करने के बाद ट्रक और कार के चालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (लापरवाही से मृत्यु का कारण बनना) और 281 (सार्वजनिक सड़कों पर लापरवाही से वाहन चलाना/सवारी करना जिससे मानव जीवन खतरे में पड़ जाए) और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184 (खतरनाक ड्राइविंग) के तहत मामला दर्ज किया गया।
सूरत का रहने वाला है ड्राइवर
अंधाले ने कहा कि मामले की आगे की जांच जारी है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह दुर्घटना चालकों द्वारा वाहन पर नियंत्रण खो देने और सड़क की स्थिति को नजरअंदाज करते हुए लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण हुई। हमने मानखुर्द निवासी आकाश ईश्वर आनंदवार (जो कार चला रहे थे) और सूरत निवासी ट्रक चालक राजू सिंह तोमर को नोटिस भेजा है। हमने उनसे दुर्घटना के सटीक कारण का पता लगाने के लिए पुलिस के समक्ष उपस्थित होने को कहा है।”
इस दुखद घटना के बाद जैन समुदाय ने शोक व्यक्त किया है। वसई के एक जैन समुदाय (Road Accident) के सदस्य ने कहा कि हम बेहद दुखी हैं और पुलिस से मृतक को न्याय दिलाने का अनुरोध करते हैं। मुनिराज नम्ररत्न महाराज ने 2020 में धर्मसूरी संप्रदाय में दीक्षा ली थी। यह दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना उनकी दीक्षा के छह वर्ष पूरे होने के ठीक एक दिन बाद हुई।