रायपुर, 15 मार्च। MBBS योजना : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा 12 मार्च 2026 को शुरू की गई मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना (MBBS) आर्थिक रूप से कमजोर बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। इस योजना के तहत कोरोना महामारी और अन्य कारणों से बकाया बिजली बिल जमा नहीं कर पाने वाले उपभोक्ताओं को सीधे आर्थिक लाभ दिया जाएगा।
29 लाख उपभोक्ताओं को 758 करोड़ की राहत
इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 29 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को लगभग 758 करोड़ रुपये तक की सीधी छूट मिलने का अनुमान है। योजना के तहत 31 मार्च 2023 तक के बकाया बिल को आधार मानते हुए उपभोक्ताओं को मूल राशि और अधिभार (सरचार्ज) में छूट दी जाएगी।
निम्नदाब घरेलू, बीपीएल और कृषि उपभोक्ताओं को लाभ
यह योजना विशेष रूप से निम्नदाब घरेलू, बीपीएल और कृषि उपभोक्ताओं के लिए शुरू की गई है। सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उपभोक्ताओं को राहत देना और उन्हें बकाया बिजली बिलों से बाहर निकालना है।
कोरोना काल की समस्या से मिली राहत
कोरोना महामारी के दौरान कई महीनों तक मीटर रीडिंग नहीं हो पाई थी, जिसके कारण उपभोक्ताओं को एक साथ कई महीनों के बिजली बिल मिले। आर्थिक तंगी के कारण बड़ी संख्या में उपभोक्ता इन बिलों का भुगतान नहीं कर पाए थे। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह योजना शुरू की है।
30 जून तक करा सकते हैं पंजीयन
यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगी। उपभोक्ता योजना का लाभ लेने के लिए मोर बिजली ऐप, बिजली वितरण केंद्रों और संबंधित कार्यालयों में पंजीयन करा सकते हैं। इसके साथ ही प्रदेश के गांव-गांव में शिविर लगाकर भी लोगों को योजना से जोड़ा जाएगा।
एम-ऊर्जा योजना का भी मिलेगा लाभ
योजना के तहत बकाया राशि का भुगतान करने वाले पात्र उपभोक्ताओं को एम-ऊर्जा योजना का लाभ भी मिल सकेगा। इससे उपभोक्ताओं को आगे नियमित बिजली बिल भुगतान के लिए भी प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय पर पंजीयन कर योजना का अधिक से अधिक लाभ लें। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए संबंधित बिजली वितरण केंद्र के अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल से प्रदेश के लाखों परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

