रायपुर, 14 मार्च। Illegal Cultivation : प्रदेश में अवैध रूप से अफीम की खेती के मामले सामने आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य में किसी भी कीमत पर अवैध मादक पदार्थों की खेती को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने शासन और प्रशासन के सभी अधिकारियों को मामले की गंभीरता से जांच करने और इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सभी जिलों में 15 दिन के भीतर सर्वे के निर्देश
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद आयुक्त, भू-अभिलेख छत्तीसगढ़ ने सभी जिला कलेक्टरों को आदेश जारी किया है। कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों के संवेदनशील और संभावित क्षेत्रों में व्यापक सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें 15 दिनों के भीतर सर्वे पूरा कर प्रमाणित रिपोर्ट शासन को भेजने के लिए कहा गया है, जिसमें यह स्पष्ट उल्लेख होगा कि जिले में कहीं भी अवैध रूप से अफीम की खेती तो नहीं की जा रही है।
दुर्ग जिले में तीन आरोपी गिरफ्तार
हाल ही में दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में अफीम के पौधों को जब्त कर नष्ट किया गया और आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। साथ ही अवैध कब्जे को जेसीबी मशीन से हटाया गया।
बलरामपुर में 2 करोड़ की अफीम बरामद
इसी तरह बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कोरंधा थाना क्षेत्र के ग्राम तुर्रीपानी (खजुरी) में राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब 1.47 एकड़ भूमि पर हो रही अवैध अफीम की खेती का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान लगभग 18 क्विंटल 83 किलोग्राम अफीम के पौधे (करीब 2 करोड़ रुपये मूल्य) जब्त किए गए और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत मामला दर्ज किया गया।
अवैध मादक पदार्थों पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि अवैध मादक पदार्थों की खेती, भंडारण, परिवहन या व्यापार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है और ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वालों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

