रायपुर, 14 मार्च। Education Budget 2026-27 : छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 22 हजार 466 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। विधानसभा में बजट भाषण के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि यह बजट राज्य की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षा को अपनी प्राथमिकताओं में प्रमुख स्थान दिया है।
पीएम श्री योजना के लिए 250 करोड़
मंत्री यादव ने बताया कि केंद्र सरकार की पीएम श्री योजना के तहत स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसके लिए बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इन स्कूलों में ग्रीन स्कूल, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, आधुनिक प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं और कैरियर काउंसिलिंग जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही शिक्षकों को प्रशिक्षण और विद्यार्थियों की प्रगति का आकलन होलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड के माध्यम से किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में 150 उत्कृष्ट विद्यालय
ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित करेगी। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ये विद्यालय प्रत्येक ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होंगे, जिससे ग्रामीण विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा।
बस्तर में बनेंगी एजुकेशन सिटी
बस्तर संभाग के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ओरछा (अबुझमाड़), नारायणपुर और जगरगुंडा (सुकमा) में एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएगी। इसके लिए 9 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे वनांचल के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं मिलेंगी।
स्कूल भवनों के लिए 105 करोड़ से अधिक
स्कूलों की अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए 105 करोड़ 20 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत
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500 प्राथमिक स्कूल
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100 पूर्व माध्यमिक स्कूल
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50 हाई स्कूल
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50 हायर सेकेंडरी स्कूल
के नए भवन बनाए जाएंगे और पुराने भवनों का रखरखाव किया जाएगा।
नवा रायपुर में बनेगा शिक्षा विभाग का कॉम्पोजिट भवन
शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कार्यों को सुव्यवस्थित करने के लिए नवा रायपुर में एक आधुनिक प्रशासनिक कॉम्पोजिट भवन बनाया जाएगा। इसके लिए प्रारंभिक रूप से 5 करोड़ 90 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें लोक शिक्षण संचालनालय, समग्र शिक्षा, संस्कृत विद्या मंडल, मदरसा बोर्ड, शिक्षा आयोग, पाठ्य पुस्तक निगम और माध्यमिक शिक्षा मंडल के कार्यालय संचालित होंगे।
5000 शिक्षकों की भर्ती और 4000 पदोन्नति
शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार 5000 शिक्षकीय पदों पर सीधी भर्ती करेगी। इसके अलावा 4000 से अधिक पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। भर्ती के लिए अक्टूबर और नवंबर 2026 में परीक्षा आयोजित की जाएगी।
मध्यान्ह भोजन के लिए 700 करोड़
छात्रों के पोषण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के लिए 700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे राज्य के शासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों तथा पंजीकृत मदरसों के लगभग 30 लाख बच्चों को मध्यान्ह भोजन मिलेगा। साथ ही स्कूलों में किचन गार्डन विकसित करने को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विद्या समीक्षा केंद्र और एचआरएमआईएस पोर्टल के माध्यम से लगभग 1 लाख 80 हजार शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जा रही है। विद्यार्थियों को डिजिटल मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट ऑनलाइन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनका सत्यापन क्यूआर कोड और यूनिक आईडी के माध्यम से किया जा सकेगा। इसके अलावा पीएम ई-विद्या कार्यक्रम के तहत डीटीएच चैनलों के माध्यम से कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को विषयवार ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है। स्कूलों में योग शिक्षा, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड और रेडक्रॉस जैसी गतिविधियां शुरू करने की योजना है। साथ ही प्रतिदिन अंतिम कालखंड में खेलकूद को अनिवार्य किया जाएगा और विद्यार्थियों को सेना में अग्निवीर बनने के लिए शारीरिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
विभिन्न योजनाओं के लिए बजट प्रावधान
सरकार ने शिक्षा से जुड़ी योजनाओं के लिए भी बजट में राशि निर्धारित की है—
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स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय : 800 करोड़ रुपये
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आरटीई शुल्क प्रतिपूर्ति : 300 करोड़ रुपये
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छात्रवृत्ति योजना : 236 करोड़ 50 लाख रुपये
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निःशुल्क गणवेश वितरण : 55 करोड़ रुपये
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निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण : 50 करोड़ रुपये
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सरस्वती निःशुल्क साइकिल योजना : 66 करोड़ रुपये
सरकार का कहना है कि इन पहलों के माध्यम से राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और विद्यार्थियों को आधुनिक व बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।

