रायपुर, 13 मार्च। Mission Bihaan : राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। “बिहान” का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।
58 महिलाओं को मिला व्यवसाय शुरू करने का अवसर
धमतरी जिले में “बिहान” योजना के तहत 58 महिला सदस्यों को सेंट्रिंग प्लेट निर्माण और किराये के व्यवसाय के लिए ऋण उपलब्ध कराया गया है। इनमें धमतरी विकासखंड की 27, कुरूद की 15, मगरलोड की 7 और नगरी विकासखंड की 9 महिलाएं शामिल हैं।
वित्तीय सहायता से खरीदी सेंट्रिंग प्लेट
इन समूहों को प्रकरण तैयार कर आरएफ मद से 15 हजार रुपये, सीआईएफ से 60 हजार रुपये तथा बैंक ऋण के रूप में 3 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इस राशि से महिलाओं ने 59 हजार 300 वर्गफीट सेंट्रिंग प्लेट खरीदी है।
किराये से हो रही नियमित आय
महिलाएं इन प्लेटों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सहित अन्य शासकीय निर्माण कार्यों और स्थानीय बाजार में 20 से 25 रुपये प्रति वर्गफीट के किराये पर उपलब्ध करा रही हैं, जिससे उन्हें नियमित अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।
आर्थिक स्थिति और सामाजिक सम्मान में वृद्धि
समूह की महिलाएं नियमित बचत के साथ समय पर ऋण की अदायगी भी कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और समाज में उनकी प्रतिष्ठा भी बढ़ी है।
तकनीकी मार्गदर्शन से बढ़ा आत्मविश्वास
जिला पंचायत धमतरी द्वारा स्व-सहायता समूहों को आर्थिक सहयोग के साथ तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है, जिससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। “बिहान” से जुड़कर महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं और अपने परिवार तथा समाज के लिए प्रेरणा बन रही हैं।

